विश्राम सरोवर की जमीन पर मठ के मठाधीशो ने भी बनवा लिया कटरा, साहब के साथ राम के नाम पर सियासत करने वालो ने भी साधी चुप्पी
गजबे है बिहार का बक्सर शहर! त्रेतायुग के विश्राम सरोवर पर भू - माफियाओ, राजनेताओं, सरकारी कर्मचारियों के अलावे मठ के मठाधीशो ने भी जमाया है कब्जा, धर्मशाला के आड़ में बनावा ली, मैरेज हॉल और कटरा ! साहब के साथ राम के नाम पर राजनीति करने वालो ने भी साधी चुप्पी !
बक्सर-जिले के नगर थाने के नाक के नीचे, नगर परिषद कार्यालय से 50 मीटर की दूरी पर, शहर के बीचोबीच, स्टेशन रोड में ज्योतिचौक के समीप त्रेतायुग के ग्यारह एकड़ में फैले विश्राम सरोवर का अस्तित्व मिटने के कगार पर है. धार्मिक गर्न्थो की माने तो त्रेतायुग में भगवान राम, अपने अनुज लक्ष्मण, गुरु महर्षि विश्वमित्र मुन्नी के साथ, नारी हत्या दोष से मुक्ति पाने के लिए इस विश्राम सरोवर में डुबकी लगाने के साथ ही यंहा से मिथिला के लिए प्रस्थान किया था. तब से आज तक यह परंपरा चली आ रही है. प्रत्येक साल अगहन मास में हजारों श्रद्धालु उत्तरायणी गंगा की तट पर स्नान करने के बाद इस इलाके में लिट्टी का प्रसाद ग्रहण कर अपने पंचकोशी यात्रा की समापन करते है. उसके बाद भी इस धार्मिक सरोवर की पहचान मिटाने में भू- माफियाओ, दबंग राजनेताओं, सफेदपोश, तथाकथित समाज सेवी, मठ के मठाधीशो ने कोई कोर कसर नही छोड़ी है. इस सरोवर के 95 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर, बड़ी बड़ी आलीशान इमारतें बना ली. हैरानी की बात है कि नप के अधिकारियों ने सरकारी भूमि पर निजी लोगो को सभी सरकारी सुविधा उपलब्ध कराकर खुद भी कमाई कर ली.
सता के संरक्षण में हो रहा है जमीन पर कब्जा !
शहर के बीचोबीच अरबो की सरकारी जमीन पर गैर कानूनी तरीके से बने इन आलीशान इमारतों को लेकर, नाम नही छापने के शर्त पर नप कार्यालय के कर्मी ने बताया कि, सब कुछ सता के संरक्षण में हो रहा है. जिसका उदाहरण है. फुटपाथी दुकानदार, जो अपने बच्चों के पेट पालने के लिए सड़क किनारे रोजगार करते है. जिनके ऊपर जिला प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन नप के अधिकारी, अपनी पूरी ताकत दिखाकर उस गरीब को उजाड़ देते है. बुल्डोजर चलवाते है. लेकिन जब बारी रसूखदारों के मकान तोड़ने की आती है. तो बुल्डोजर के तेल के साथ अधिकारियों के पेन की स्याही ही सुख जाती है. फाइल अलमीरा में ही धूल फांक रही है. और हमारे साहब लोग खूब सुविधा शुल्क कमा रहे है. हिम्मत है तो स्टेशन रोड के मुख्य सड़क पर दोनों तरफ से सरोवर की जमीन पर बने एक भी मकान की ईंट को कोई हिलाकर दिखा दे. भूचाल आ जायेगी.यंहा तो जिसकी लाठी है. उसी का भैंस है. इस शहर में दो कानून चलता है. गरीबो के लिए अलग और रसूखदारों के लिए अलग. चुनाव जीतने से पहले और चुनाव जीतने के बाद सब कुछ अलग हो जाता है. ऊपर से लेकर नीचे तक सब लोग सेट है.
साहब के संरक्षण में हो गया तड़कनाला कि जमीन पर कब्जा
शहर के ही स्टेशन रोड के रहने वाले वसंत ने बताया कि, शहर के तड़कनाला के जमीन पर सरकारी बाबू लोग खुद ही कब्जा कर बड़ी बड़ी इमारतें बनाये है. जिनके संरक्षण में चंद नोटो के बदौलत अन्य लोगो ने भी कब्जा कर लिया. मंदिर , चर्च के जमीन पर कब्जा करने से भी लोग इस शहर में नही डरते है. धर्मशाला के आड़ में मठिया के मठाधीशो ने खुद ही विश्राम सरोवर की जमीन पर कब्जा कर मैरेज हॉल और कटरा बनवा कर राजस्व की उगाही कर रहे है. वही हालात बड़ी मठिया रामरेखा घाट का भी है. भगवान के नाम पर जमीन पर कटरा बनवाकर खूब काली कमाई की जा रही है. कुछ साहब के यंहा मठिया के ही घी और चावल, से भोग लगता है. तो किसी ने शिक्षण संस्थान के आड़ में, मुख्य सड़क पर ही सरकारी भूमि में आलीशान बिल्डिंग बना लाखो की कमाई कर रहा है.
सरोवर को बना दी गड़ही
पिछले 15 दिनों से विश्राम सरोवर की शेष बच्चे भूमि को बिना मुक्त कराये, उसके जीर्णोद्वार के नाम पर, मिट्टी की भराई की जा रही है. खुद को राम भक्त बताने वाले लोगो ने भी चुप्पी साध रखी है. क्योकि? राम के नाम का भी इस्तेमाल अब केवल सियासत के लिए ही किया जा रहा है. नगर प्रशासक की माने तो अतिक्रमण हटवाना जिला प्रशासन के अधिकारियों का काम है. यदि जिला प्रशासन के अधिकारी दिल से चाह दे तो 30 मिनट के अंदर इस पूरे शहर से अतिक्रमण नगर परिषद के कर्मी हटा देंगे. हमारे पास इतनी संसाधन है. लेकिन हमें तो हर बार झोपड़ी उजाड़ने का ही आदेश मिलता है. और हम संसाधन उपलब्ध करा देते है.
विश्राम सरोवर में स्नान करते दूर हो जाता था कुष्ठ रोग
ज्योति चौक के रहने वाले पुजारी दारा जी महाराज की माने तो, इस सरोवर में बचपन मे वे लोग भी स्नान किया करते थे. इसमें स्नान करने मात्र से कुष्ठ रोग दूर हो जाता था. अब तो शेष बचे सरोवर में शौचालय से लेकर पूरे शहर की गंदगी बहकर आ रहा है . लोग रात के अंधेरे में मिट्टी डालकर दिन के उजाले में कब्जा कर लेते है.किसको इस बात की जानकारी नही है.
गौरतलब है कि राम के शिक्षा स्थली में रामरेखा घाट से लेकर विश्राम सरोवर, गौशाले से लेकर नहर एवं मंदिर के जमीन पर भू माफिया कब्जा जमाए बैठे है. हैरानी की बात है कि, सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले माफिया, सरकार के नुमाइंदों के साथ बैठकर चाय की चुस्की लेते है. तो वही पुजारी जी का भी अश्लील वीडियो वायरल होते रहता है.उसके बाद भी तमाशबीन बने लोग सबकुछ देखकर भी अनदेखा कर रहे है.



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