स्क्रब कोट पहने और हाथों में कैंडल लिए सड़क पर उतरे धरती के भगवान

 मेडिकल कॉलेजो में पढ़ने वाले छात्र -छत्राओ का हो रहे शारीरिक एवं मानसिक शोषण के कारण छात्र-छात्राएं उठा रही है आत्मघाती कदम! बिहार प्रदेश के डेंटल हेल्थ सेक्रेटरी डॉक्टर आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में सैकड़ो डॉक्टरों एवं प्रबुद्ध जनों ने निकाला कैंडल मार्च.

बक्सर- खेत, मकान  ,घर, जमीन गहना बेचकर आंखों में डॉक्टर बनने का सपना संजोय ,देश के बड़े -बड़े मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छत्राओ में आत्महत्या करने की बढ़ती घटनाओं ने धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सको के फ़ौलादी आत्मा को भी हिला दिया है. संस्थान में बढ़ते फीस एवं छात्र- छत्राओ के हो रहे शारीरिक एवं मानसिक शोषण के कारण ये बच्चे  आत्मघाती कदम उठा रहे है.संस्थान के मनमानी एवं दिवंगत छात्र-छत्राओ की आत्मा की शांति के लिए, बिहार प्रदेश के डेंटल हेल्थ सेक्रेटरी, सह प्रदेश के जाने माने चिकित्सक डॉक्टर आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में शहर के ज्योतिचौक से लेकर, वीर कुंवर सिंह चौक तक सैकड़ो चिकित्सको ने कैंडल मार्च निकालकर संस्थान के मनमानी पर रोक लगाने की मांग भारत सरकार से की. साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित की गई फीस की सीमा को लागू करने का मांग करते हुए सप्रीम कोर्ट , से लेकर भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को ई-मेल भेजा है.

मीडिया से बात करते डॉक्टर आशुतोष

सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित फीस से अधिक की वसूली के कारण बच्चे उठा रहे है आत्मघाती कदम

स्क्रब कोट पहन हाथों में कैंडल लिए  सड़क पर उतरे सैकड़ो धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सको के सम्मान में ज्योतिचौक से लेकर, वीर कुंवर सिंह चौक तक सड़क के दोनों किनारे खड़े होकर नगर वासियों ने उनकी डिमांड का पुरजोर समर्थन किया.शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके में निकले इस कैंडल मार्च में आम नागरिकों ने शामिल होकर चिकित्सको के आवाज को बुलंद  करते हुए कहा कि माँ , बाप बच्चों को पढ़ाने के लिए अपना सर्वस्व लुटा देते है.,और बदले में उनको उनके बच्चों का शव मिलता है.आखिर कब तक पैसों के लिए संस्थान खिलवाड़ करता रहेगा.

सुप्रीम कोर्ट से लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को चिकित्सको ने भेजा ई-मेल !

मेडिकल कॉलेजों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित फीस को लागू करने, संस्थान के अंदर छात्र- छत्राओ का हो रहे शारीरिक, एवं मानसिक शोषण पर तत्काल रोक लगाने, संस्थानो के अंदर पठन -पाठन का बेहतर माहौल बनाने समेत अपनी कई मांगों को लेकर,सुप्रिम कोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट, जोधपुर हाईकोर्ट, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को विस्तृत में चिकित्सकों ने ई-मेल भेजा है.

क्या कहते है चिकित्सक ?

प्रदेश के डेंटल हेल्थ सेक्रेटरी, जानेमाने चिकित्सक, सह समाज सेवी डॉक्टर आशुतोष कुमार सिंह ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि, पिछले कुछ बर्षो से मेडिकल कॉलेजों में फीस की बढ़ रहे अत्यधिक बोझ, एवं संस्थान  के कर्मीयो के द्वारा छात्र -छत्राओ का किये जा रहे मानसिक, और शारीरिक शोषण के कारण छात्र एवं छात्राएं इतनी डिप्रेसित हो जा रहे है. कि वह आत्मघाती कदम उठाने में भी गुरेज नही कर रहे है.जो एवं देश के लिए सबसे घातक है. गरीब माँ, बाप अपना सब कुछ बेचकर अपने बच्चों को बड़ी उम्मीद के साथ पढ़ने भेज रहे है.लेकिन जिनके बच्चे और बच्चियां आत्म हत्या कर ले रहे है.उनके परिजनों पर क्या? गुजरता होगा दूसरा इसका अंदाजा भी नही लगा सकता.भारत सरकार तत्काल ऐसे मामलों पर संज्ञान लेकर रोक लगाए, जिससे कि किसी का सपना टूटकर चकनाचूर न हो.


गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र -छत्राओ के आवाज को बुलंद करने के लिए, हाथों में कैंडल लेकर  पैदल मार्च कर रहे चिकित्सको ने भारत सरकार से मनमानी करने वाले संस्थानो  पर रोक लगाने की मांग की है. इस दौरान इस कैंडल मार्च में , डॉ. रंगनाथ तिवारी, डॉ. रितेश चौबे, डॉ. वीके सिंह, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. श्रीनिवास उपाध्याय, डॉ. अंजन पांडेय, डॉ. विशाल तिवारी, डॉ. वरुण कुमार, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. खालिद रजा, डॉ. वेद प्रकाश समेत अन्य कई डॉक्टरों ने भाग लिया

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