प्रशांत किशोर के साथ आनन्द मिश्रा की तस्वीर आई सामने
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ पूर्व आईपीएस आनन्द मिश्रा. की तस्वीर आई सामने, बढा बक्सर का सियासी तापमान, 2025 में किसको देंगे चुनौती!
बक्सर-असम कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी , बक्सर लोकसभा सीट से 2024 के लोकसभा चुनाव लड़ चुके पूर्व आईपीएस अधिकारी आनन्द मिश्रा, ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज की सदस्यता आज पटना में ग्रहण कर ली है, दोनों नेताओं की तस्वीर एक साथ सामने आने के बाद बक्सर का सियासी तापमान सातवे आसमान पर है. अभी से ही नेताओ को अपनी राजनीतिक भविष्य पर संकट का काला बादल मंडराते दिखाई देने लगा है.
कौन है पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले असम कैडर के बतौर एसपी के रूप में उग्रवादियों एवं अपराधियो को थर्रा देने वाले एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पूर्व आईपीएस अधिकारी आनन्द मिश्रा. ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की उम्मीद से नौकरी को छोड़कर बक्सर आये थे. भारतीय जनता पार्टी ने वर्तमान सांसद अश्विनी कुमार चौबे, का टिकट काटकर, पार्टी के नेता मिथलेश तिवारी को अपना उम्मीदवार बना दिया. जिसके कारण बक्सर भाजपा दो गुटों में बंट गई. भाजपा के कैडर वोटर आनन्द मिश्रा को अपना समर्थन दे दिया. जिसके कारण भाजपा अपने ही घर में चुनाव हार गई.राजद नेता सुधाकर सिंह ने मिथलेश तिवारी को हराकर, महागठबन्धन की झोली में यह सीट डाल दी.
बिहार के 243 सीटो पर चुनाव लड़ेगी पीके की पार्टी
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी बिहार के सभी 243 विधानसभा सीटो पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. जिसके बाद राजद , भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम पार्टी के नेताओ की बेचैनी बढ़ गई है. पार्टी नेताओं की माने तो गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को पीके इसकी विधिवत घोषणा करेंगे.
आनन्द नही लड़ेंगे विधानसभा की चुनाव
पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा के सहयोगी प्रशांत कुमार, ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि, आनन्द मिश्रा 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव नही लड़ेंगे. 2029 के लोकसभा चुनाव में, वह पुनः बक्सर लोकसभा सीट से तमाम प्रतिद्वंदियों को चुनौती देंगे.
गौरतलब है कि प्रशांत किशरो के साथ आई पूर्व आईपीएस की तस्वीर ने राजनीतिक पार्टी के नेताओ की आंखों से नींद गायब कर दी है.देखने वाली बात यह होगी कि, सियासत के मैदान में आनंद मिश्रा राजनीति के धुरंधरों को धूल चटाते है.या 2024 के लोकसभा की तरह खुद ही चारो खाने चित हो जाते है.

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