बिहार भाजपा के दो बड़े नेता बक्सर में तलाश रहे है सियासी जमीन
बिहार भाजपा के दो बड़े नेता बक्सर में तलाश रहे है सियासी जमीन, एक खुद को बताते है सड़क का सांसद, तो दूसरा है पूर्व सांसद. गुरु चेले की सियासो जाल में उलझी पूरी पार्टी ,जमीनी कार्यकर्ता. तलाशने में जुटे कहि और अपना राजनीतिक भविष्य
बक्सर- 2024 के लोकसभा चुनाव की समाप्ति हो गई है. बक्सर भाजपा में चल रहे अंतर्कलह के कारण बक्सर लोकसभा सीट भाजपा हार गई उसके बाद भी पार्टी के अंदर की अंतर्कलह कम होने की जगह बढ़ते ही जा रहा है. एक तरफ जंहा बीजेपी प्रत्याशी मिथलेश तिवारी को हराकर,महागठबन्धन के नेताओ को जोश हाई है. वही दूसरी तरफ भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता किसी और दल में अपना राजनीतिक भविष्य तलाशते दिखाई दे रहे है.बिहार भाजपा के दो बड़े नेताओ की चक्रब्युह में फंसी पार्टी से अब कार्यकर्ता विमुख हो रहे है.पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की माने तो अब बक्सर भजापा इस दलदल से निकल नही पाएगी, भाजपा के भी कुछ नेताओं को कुर्सी की लत लग गई है. कुर्सी जाने के बाद वह बौखलाहट में भितरघात कर पूरी पार्टी को मजधार में फंसा दिया है. पार्टी कई गुट में बंट गई है. और सभी गुट में कई नेता ही गए है.
बक्सर के सियासत में महीनों बाद सक्रिय हुए अश्विनी चौबे
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट कटने से नाराज चल रहे अश्वनी कुमार चौबे, पूरे चुनाव के दौरान एक बार भी बक्सर नही आये . पार्टी प्रत्यासी मिथलेश तिवारी को मिली हार के बाद, अब पूर्व सांसद बक्सर के सियासत में अचानक सक्रिय हो गए है. पूर्व सांसद की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर भविष्य में उनके द्वारा बक्सर में पूरा कराई जाने वाली योजनाओं ई एक पूरी सूची जारी कर यह बताने की कोशिश की गई है. कि बक्सर में मैं ही रहूंगा.
बक्सर में पूर्व सांसद कराएंगे नाट्य महोत्सव
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के द्वारा जारी किये गए प्रेस रिलीज में यह बताया गया है कि, श्रीराम का विशालतम प्रतिमा स्थापना करने के लिए कोश की व्यवस्था किया जा रहा है. प्रतिमा को स्थापित करने के लिए स्थल चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. महर्षि विश्वामित्र का यज्ञ करते हुए पांच ऋषि मुनियों के साथ सबसे पहले प्रतिमा स्थापित किया जाएगा. शहर के राम रेखा घाट पर लाइट एन्ड साउंड का लेजर शो का संचालन पुनः होगा. जिसका टेंडर गुजरात के कम्पनी को दिया गया हैं. रमायण संस्कृति केंद्र, संग्रहालय, रमेश्वरनाथ शिवलिंग स्थापना करते श्री राम की प्रतिमा, बाल गंगाधर तिलक और मुंशी प्रेमचंद नाट्य महोत्सव के अलावे 1 हजार 8 फीट ऊंची विश्व की विशालतम श्रीराम की प्रतिमा बक्सर में स्थापित किया होगा.
सड़क के सांसद ने कहा बक्सर बनेगा बनारस
इधर 2024 के चुनाव में मिली हार के बाद भी बीजेपी नेता मिथलेश तिवारी, बक्सर की राजनीति में पूरी तन्मयता के साथ सक्रिय है. चुनाव में मिली हार के बाद भी वह अपने चुनावी वादा को पूरा करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है,. अब तक उनके आग्रह पर भारत सरकार से लेकर बिहार सरकार के कई मंत्री बक्सर के दौरे पर आ चुके है. इस कड़ी में तीन अगस्त को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री राजभूषण निषाद, बिहार सरकार के नगर विकास मंत्री नितिन नवीन, अतिपिछड़ा कल्याण मंत्री हरीश साहनी के अलावे कई एमएलसी और एमएलए बक्सर पहुँच रहे है.
मिथलेश तिवारी ने बताया की, जब तक बक्सर को बनारस नही बना दूंगा चयन से नही बैठूंगा. ऐसे में पार्टी के कोर कार्यकर्ता इस बात को लेकर परेशान है कि पार्टी का कमान किसके हाथ मे है.और कार्यकर्ता किसके साथ खड़ा रहे.
क्या कहते है बीजेपी जिलाध्यक्ष
पार्टी के अंदर चल रहे महाभारत को लेकर जब पार्टी के जिला अध्यक्ष भोला सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, तीन अगस्त को जिला कोर कमिटी की बैठक में केंद्र एवं बिहार सरकार के कई मंत्री आ रहे है. पार्टी की प्रमुखता बक्सर का विकास है. और इसमें हम सभी लगे हुए है. किसका किसके साथ कैसा व्यक्तिगत सम्बन्ध है.कौन किसको कमजोर करना चाहता है, इसका जवाब सम्बंधित व्यक्ति ही देंगे.
विपक्ष के विधायक ने बीजेपी पर कसा तंज
इधर भाजपा के अंदर चुनाव के पहले से चल रहे महाभारत पर तंज कसते हुए, सदर कांग्रेस विधायक मुन्ना तिवारी ने कहा कि, जैसे हड्डी के लिए दो कुत्ते लड़ते है. ठीक उसी तरह से कुर्सी पाने के लिए भाजपा के नेता लड़ रहे है.इन्हें जनता से कोई लेना देना नही है.10 साल तक मंत्री रहने के बाद अश्विनी कुमार चौबे यदि एक भी योजना को पूरा किया हो तो वह बता दे, इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में पूरे बिहार से सफाया हो जाएगा और बाबा राजनीतिक समाधि ले लेंगे. क्योकि चेला जिस तरह से उन्हें बेटिकट कर दिया इससे उनकी मानसिक संतुलन बिगड़ गई है
गौरतलब है राजनीतिक गुरु- चेला के बीच चल रहे सियासी संग्राम ने विपक्ष को बैठे बिठाए मुद्दा दे दिया है. आलम यह है कि भजापा नेता हिमांशु चतुर्वेदी, प्रदीप दुबे, रानी चौबे, दुर्गावती चतुर्वेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, पुनीत सिंह, जिलाध्यक्ष भोला सिंह, हिरामन पासवान,पूनम रविदास, मीना सिंह समेत भाजपा के दो दर्जन नेताओ की नजरें बक्सर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने पर टिकी हुई है. और कइयों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी दावेदारी पेश कर पार्टी के बड़े नेताओं को भी चकरा दिया है.


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