गजबे है नगर परिषद के अमीन साहब! बोले भगवान जाने किसका है विश्राम सरोवर की जमीन! हद है साहब
विश्राम सरोवर की उड़ाही में उड़ा दी गई 9 लाख 94 हजार 544 रुपये, वरीय अधिकारियों के आदेश के बाद भी हो रहा है विश्राम सरोवर पर जीर्णोद्वार का काम !
बक्सर- नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ज्योति चौक के समीप स्थित विश्राम सरोवर की साफ- सफाई में, 9 लाख 94 हजार 544 रुपये खर्च किये गए है. विभागीय अधिकारियों की माने तो, 240×100 फ़ीट लंबे गढ़े से पानी निकालने में लगभग 10 लाख रुपये खर्च हो गए है., जिसका कार्ययोजना विभाग के ही कार्यपालक सहायक संतोष केशरी के नाम पर पास है.
अधिकारियों के आदेश भी नही सुनते है कार्यालय कर्मी !
विश्राम सरोवर की मिट रही अस्तित्व का मामला तूल पकड़ने के बाद, उपविकास आयुक्त आकाश चौधरी ने, नगर परिषद के अधिकारियों से पूरे मामले पर जांच रिपोर्ट मांगी है. जिसके बाद विश्राम सरोवर पर चल रहे जीर्णोद्वार के सारे काम तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश नप के कार्यपालक अधिकारी ने जारी किया है. उसके बाद भी चोरी , छिपे विश्राम सरोवर के किनारे नालियों का निर्माण कराया जा रहा है.
अमीन ने कहा भगवान जाने किसकी है जमीन
उपविकास आयुक्त के जांच रिपोर्ट के आलोक में, नप के अमीन ने अपने जवाब में बताया है कि 240×100 फ़ीट में स्थित मठिया के तलाब पर किसी तरह का अतिक्रमण नही है. जांच रिपोर्ट के आलोक में जब नगर परिषद के अमीन तिलेश्वर प्रसाद से पूछा गया. तो उन्होंने बताया कि, पोखरे की जमीन का प्लॉट संख्या 555 है. जबकि इससे पहले उन्होंने पोखरे की प्लॉट संख्या 550,556 बताया था. जो कैमरे में कैद है. वही उनसे जब पूछा गया कि विश्राम सरोवर सरकार, या मठिया की जमीन है. जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, भगवान जाने किसकी है तलाब की जमीन!
कार्यपालक सहायक ने कहा बिना वर्क ऑर्डर के हुआ है मिट्टी का काम
नगरपरिषद के कार्यपालक सहायक, धनजी राम, और संतोष केशरी की माने तो, विश्राम सरोवर की साफ सफाई एवं जीणोद्धार के लिए 9 लाख , 94 हजार 544 रुपये का विभागीय योजना लिया गया था. जिसका भुगतान भी कर दिया गया है. मिट्टी का जो काम हुआ है. उसका वर्क ऑर्डर नही हुआ है. वरीय अधिकारियों के निर्देश पर काम रोक दिया गया है.अमीन के रिपोर्ट के अनुसार पोखरे की वर्तमान स्थिति 240× 100 फ़ीट है.वास्तविक जमीन कितना है इसकी जानकारी उस जांच रिपोर्ट में नही है.इसकी जानकारी अमीन ही देंगे.
गौरतलब है कि नप के नए सरकार की छत्रछाया में, सारे नियम कायदे कानून को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से काम कराया जा रहा है.



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