नगर परिषद क्षेत्र में साहब का चलता है मौखिक आदेश ! हाले किला मैदान में कूड़ा डंपिंग पर बोले स्वच्छता पदाधिकारी प्रत्येक महीने 15 लाख की भुगतान में कर लेता हूँ कटौती !
गजब ! हाले किला मैदान की गंदगी पर बोले स्वच्छता पदाधिकारी ! लिखित नही नगर परिषद क्षेत्र में चलता है मौखिक आदेश ! नप के स्वछता पदाधिकारी के इस बयान से हिला पूरा महकमा ! कहा 1 करोड़ 15 लाख की टेंडर में मात्र 1 करोड़ रुपये का ही करता हूँ भुगतान ! 15 लाख महीने का काट लेता हूँ जुर्माना !लोगो ने कहा मलाई खाने वालेअधिकारी ही नही करते है लिखित काम.
971 साल पुराना राजा रुद्रदेव का किलाबक्सर- जिले के बक्सर नगर परिषद के अधिकारी इन दिनों सुर्खियों में है. विभाग में इनकी ऐसी हनक है. की मात्र मौखिक आदेश पर ही पूरा सिष्टम काम करना शुरू कर देता है! साहब की जब मर्जी हो जाये कूड़े शहर के ऐतिहासिक किला मैदान से लेकर, ठोरा नदी, सदर अस्पताल, लॉ कॉलेज, बाईपास नहर, ग्यारह नम्बर लख पर धड़ल्ले से गिरना शुरू हो जाता है. इसके लिए उन्हें लिखित नोटिफिकेशन निकालने की भी जरूरत नही पड़ती है. इस दौरान किसी पत्रकार ने अपने कैमरे में तस्वीर कैद कर ली तो, खुद से ही ठेकेदार को भुगतान होने वाली राशि में से महीने के 15 लाख जुर्माना भी वसूल कर लेते है.
किला मैदान में कूड़ा डंप करते कर्मचारी600 सफाई कर्मी बक्सर शहर से गंदगी को करते है साफ !
स्वच्छता पदाधिकारी रवि कुमारबक्सर नगर परिषद क्षेत्र में कल 42 वार्ड है. स्वच्छता पदाधिकारी की माने तो, इस 42 वार्ड की गंदगी को साफ करने के लिए, कुल 600 स्वच्छता कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं. 24 घंटे में इस शहर से कुल 88 टन कूड़ा,कचड़ा निकलता है. जिसे मौखिक आदेश पर जंहा मन कर दिया वही गिरा दिए, इस शहर की साफ-सफाई में प्रत्येक साल 13 करोड़ 80 लख रुपए खर्च होता है. साहब की।माने तो वह 15 लाख ₹ महीने की एनजीओ से कटौती कर लेते है.क्योकि ? वह मन मुताबिक काम नही करता है.
शहर के कचड़े ने कर दिया है अधिकारियों का कचड़ा!
संदीप ठाकुर प्रदेश युवा जदयू महासचिवशहर के किला मैदान, एवं सर्किट हाउस के बीच धड़ल्ले से नप के अधिकारियों के आदेश पर गिराए जा रहे कचड़े ने अधिकारियों के जीवन को कचड़ा कर दिया है. जदयू युवा प्रदेश महासचिव संदीप ठाकुर ने, जिला प्रशासन के अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि, शहर से प्रत्येक दिन निकलने वाले 88 टन कचड़े ने, नगर वासियों के साथ, ही साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों के जीवन को भी कचड़ा कर दिया है.कोई भी अधिकारी किसी को तभी मौखिक आदेश देता है.जब उसे मलाई खानी रहती है. शहर के बीचोबीच कूड़ा डंप करने का आदेश देने वाले अधिकारी शायद यह भूल गए है. कि हर सवाल का माकूल जवाब देना बक्सर के लोग जानते है. 600 सफाई कर्मी के नाम पर कितने मजदूर नगर परिषद क्षेत्र में काम कर रहे है.यह पूरा शहर जानता है. नगर परिषद के अधिकारियो एवं सफेफपोशों की मिली भगत से काली कमाई का काला खेल खेला जा रहा है.उसका दुर्गन्ध हर चौक चौराहे पर फैला हुआ है.
कूड़े की ढेर पर बक्सर का इत्तिहासदर्ज हो ऐसे लोगो पर एफआईआर !
वही इन्होंने कहा कि, हाल ही में ग्यारह नम्बर लख पर, जिस स्वच्छता पदाधिकारी के आदेश पर कूड़ा गिराया गया था. सबसे पहले जिलाधीकारी को उस अधिकारी पर एफआईआर दर्ज करानी चाहिए. क्योकि? उस कूड़े की आग ने दो दर्जन से अधिक हरा-भरा पेंडो को जलकर राख कर दिया. जिससे राज्य सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजना जल जीवन हरियाली को भारी नुक्सान हुआ है.
क्या कहते है अधिकारी ?
971 साल पुराने, राजा रुद्रदेव के किले में हो रहे कूड़ा डंपिंग पर सफाई देते हुए, नप के स्वच्छता पदाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि, खतीबा में सड़क की मरम्मति हो रहा है.जिसके कारण किला मैदान एवं सर्किट हाउस के बीच कूड़ा डंप किया जा रहा है.जिलाधीकारी से लेकर,तमाम पदाधिकारी इस बात को जानते हैं कि कूड़ा किला मैदान और सर्किट हाउस के बीच मे गिराया जा रहा है. वही उनसे जब यह पूछा गया कि क्या ? इसके लिए कोई लिखित आदेश निकाला गया था. की कूड़ा किला मैदान में गिरेगा.जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, मुझे लिखित आदेश निकालने की क्या जरूरत है? मौखिक आदेश ही चलता है. 1 करोड़ 15 लाख की जगह मात्र 1 करोड़ का ही भुगतान होता है.बाकी 15 लाख जुर्माना के तौर पर काट लिया जाता है.ग्यारह नम्बर लख पर कूड़ा में आग लगने के कारण जो हरा-भरा पेंड जले है.उस पर सफाई ठेकेदार से मांगा गया है.
गौरतलब है कि स्वच्छता पदाधिकारी के अनुसार बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में कुल 600 स्वच्छता कर्मचारी प्रत्येक दिन काम करते है. यदि प्रत्येक वार्ड में 14 कर्मचारी लगा दिया जाए, तो 42 वार्ड मिलाकर इनकी संख्या 588 होगी.जबकि वार्ड पार्षदों की माने तो प्रत्येक वार्ड की साफ -सफाई के लिए केवल 7 मजदूर ही रखा गया है.





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