बक्सर विधानसभा सीट पर बीजेपी नेत्री दुर्गावती चतुर्वेदी ने ठोकी दावेदारी! 2015 से ही पुरुष उम्मीदवारों को मिल रही है हार के बाद सामने आई महिला दावेदार
बीजेपी नेत्री दुर्गावती चतुर्वेदी ने बक्सर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की ठोकी दावेदारी,कहा झंडे और डंडे की नही अब बक्सर में होगी एजेंडे की राजनीति! 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव से मिल रही पुरुष उम्मीदवारों को करारी हार के बाद सामने आई महिला दावेदार, वरीय नेताओ का वीपी हुआ हाई !
लोगो से खुशी का इजहार करते तस्वीर
बक्सर- 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में शेष कुछ ही महीने रह गए हैं.सभी पार्टी के नेताओ ने अपनी दावेदारी को लेकर ताल ठोकना भी शुरू कर दिया है. जिससे वरीय नेताओ की चिंता बढ़ गई है. उत्तरायणी गंगा की तट पर बसा यह बक्सर विधानसभा सीट पर पूरे बिहार के राजनीतिक दल के नेताओ की निगाहें टिकी हुई है.राजनीतिक जानकारों की माने तो, बक्सर विधानसभा सीट का प्रभाव देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के आधा दर्जन जिलों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है.यही कारण है कि, पूरे शाहाबाद में बक्सर सदर विधानसभा सीट को हॉट सीट माना जाता है.फिलहाल इस विधानसभा सीट पर पिछले 10 बर्षो से कांग्रेस का कब्जा है.
अपने ही गढ़ में चारो खाने चित हो जा रहे है बीजेपी के नेता !
बक्सर लोकसभा क्षेत्र को बीजेपी का गढ़ कहा जाता है.जिसके अंतर्गत आने वाले बक्सर विधानसभा सीट भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता था. धीरे -धीरे नेताओ की महत्वकांक्षा ने आम जनता से इनको इतना दूर कर दिया की, 2015 से लेकर अब तक इनका वनवास खत्म नही हुआ. एक साल पहले लोकसभा के चुनाव में भी इनका इस संसदीय क्षेत्र से सूपड़ा साफ हो गया.जिसका सबसे बड़ा कारण कार्यकर्ताओ का अनदेखी करना माना जा रहा है.
अजब-गजब दलील देते है नेता जी !
पार्टी कार्यालय में बैठक की तस्वीर
दो दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में, पार्टी नेताओं की बैठक के दौरान, जब बीजेपी नेता प्रदीप दुबे से बक्सर विधानसभा सीट पर निरन्तर हार का कारण पूछा गया.तो साहब का दलील सुनकर हर कोई हैरान था.पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए इन्होंने कहा कि, जब भाजपा के स्तम्भ स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी,और इंदिरा गांधी जैसे लीडर चुनाव हार सकती है.तो हमलोग हारे तो कौन सी बड़ी बात है.चुनाव में हार जीत लगा रहता है.इस बार मुन्ना तिवारी का सूपड़ा साफ हो जाएगा.क्योकि? वह अपने ही पार्टी के नेता पंकज उपाध्याय के अपहरण केश में आरोपी है.जेल जाने की तैयारी करे!
तीन महीने के कॉन्ट्रेक्ट पर है विधायक !
वही उन्होंने कहा कि विधायक तीन महीने के कॉन्ट्रेक्ट पर है.तीन महीने बाद वह विधायक नही रहेंगे.उनको तो टिकट ही नही मिल रहा है.तो पहलवानी किसके साथ करेंगे. जिला प्रशासन के अधिकारी उनके कमरे का ऑडिट कराये, की एक ही कमरे में पिछले 10 सालों से कैसे रह रहे है.और उसमें कौन सा खेल चल रहा है.जिस पर कांग्रेस के नेताओ ने जबाब देते हुए कहा कि,2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रदीप दुबे हार का स्वाद चख चुके है. इसलिए उलूल-जुलूल बयान देकर, वह खुद को टिकट का दावेदार बताने में लगे हुए है.
नित्यानंद राय से मिली दुर्गावती चतुर्वेदी !
पिछले 15 बर्षो से भाजपा के संगठन को मजबूत करने के लिए,ब्रह्मपुर , बक्सर, डुमराँव, राजपुर विधानसभा क्षेत्र में आम जनता के बीच काम कर रही पार्टी के नेत्री दुर्गावती चतुर्वेदी ने, हाल ही में बीजेपी के वरीय नेता नित्यानंद राय से मुलाकात कर, बक्सर के वर्तमान राजनीति स्थियो पर चर्चा की,नित्यानन्द राय से मुलाकात की तस्वीर सामने आने के साथ ही, स्थानीय पार्टी के कई नेताओं का ब्लडप्रेशर हाई हो गया है. नित्यानंद राय से हुई इस मुलाकात को लेकर, उंन्होने बताया कि, बिहार विधानसभा चुनाव कुछ ही महीने में होनी है. मैं पार्टी का एक सिपाही हूँ. तो निश्चित रूप से चुनाव पर चर्चा हुई होगी. जो आदेश मुझे मिला है उस दिशा में काम कर रही हूँ. पार्टी का जो निर्णय होगा वही सर्वोपरि होगा.
गौरतलब है कि बक्सर विधानसभा सीट पर महिलाओं की दावेदारों पुरुषों से अधिक बताई जा रही है.सुखदा पांडेय के अद्भुत जीत के बाद से ही,बीजेपी के पुरूष उम्मीदवार लगतार चुनाव हारते आ रहे है.जिसके कारण कयास लगाई जा रही है.की इस बार इस विधानसभा सीट पर आधी आबादी का दबदबा कायम होगा.



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