गजब !आदर्श गौशाले में वीआईपी लोगो के दुध के लिए किया गया है वीआईपी गायों का इंतजाम एसडीएम ने मांगा 25 बर्षो का हिसाब !

 गौशाले में चल रहा है गजब का खेल!एसडीएम ने मांगी जिम्मेवरानो से 25 बर्षो का हिसाब- किताब, तो दिन में दिखने लगे है तारे, दो बार लौटाया फाइल तो टेंशन में बढ़ा ली दूध पीने का डोज! वीआइपी लोगो के लिए वीआईपी गायों के दूध का है इंतजाम!

वीआईपी लोगो के लिए वीआईपी गाय

बक्सर- गाय को सनातन में माता का दर्जा दिया गया है. लिहाजा गाय की पूजा, सेवा और दान से पापों से मुक्ति मिलती है. और कष्टों का निवारण हो जाता है. कहा जाता है कि गौ माता के दान से मनुष्य के दैहिक, दैविक, और भौतिक पापों का नाश हो जाता है. लेकिन यह तमाम बातें बक्सर के आदर्श गौशाले में जीवन से जूझ रही उन गायों पर लागू नही होता है. जिनका इलाज के अभाव में मौत हो रही है. दाने-दाने को तरस रही है.

चुनाव का हवाला देकर मामले को ठंडे बस्ते में डलवाने की तैयारी!

गौशाले में 5 जुलाई 2025 को इलाज के अभाव में हुई गाय की मौत का मुद्दा तूल पकड़ने के बाद अब समिति के लोग अपनी दामन को बचाने के लिए हर तरह के हत्थकंडे अपना रहे है. जब डर,और लालच  से बात नही बनी, तो अब राजनीति जगत के लोगो के सहारे इस पूरे मामले को दबाने के लिए,चुनाव का हवाला देकर अधिकारियों को गुमराह करने में लगे है.प्रशासनिक सूत्रों की माने तो, राष्ट्रीय पार्टी के जिलाध्यक्ष अब चुनाव का हवाला देकर इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए, लगातार प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बना रहे है. वैसे नेता जी यह भूल रहे है कि जनता जब तक खामोश है तभी तक उनकी राजनीति है. वरना जनता जिस दिन सड़क पर उतर गई, उसी दिन उनके खादी का रंग भी बदल देगी.

गौशाले की गाय,की ऐसी हालात!

112 साल में नही बदला गौशाले की हालात

2020 में इसी आदर्श गौशाले में एक के बाद एक कई गायो और बछड़ो की मौत इलाज के अभाव में हुआ था. जिसकी खबर, ईटीवी भारत न्यूज़ ने बड़े ही प्रमुखता से प्रकाशित की, तो अधिकारियों की नींद टूटी.तत्कालीन एसडीएम के के उपाध्याय ने घुटने पर कीचड़ में खड़े होकर जीवन जी रही गायों के लिए पक्कीकरण कराया .वही हालात आज भी है.  भरपूर चारे के अभाव में गायों की मौत हो रही है.और उसी गौशाले की अरबो की भूमि का इस्तेमाल कर लोग करोड़पति बन गए,

 वीआईपी के लिए दूध का वीआईपी व्यवस्था

कहने को तो यह आदर्श गौशाला है.लेकिन इसमें कुछ भी आदर्श नही  बड़े साहब से लेकर, उस कमिटी में शामिल लोगों के घरों पर वीआईपी गायों का दूध दिया जाता है.इस गौशाले में तीन ऐसी गाय है.जिसका दूध कुल चार वीआईपी लोगो को ही नशीब होता है. सेवादारों ने बताया कि, चार वीआईपी  के लिए तीन गायों को खरीदकर लाखो रुपये में लाया गया है. जिसके रख रखाव से लेकर, खानपान का भी अलग व्यवस्था है.अलग कमरे है.वीआईपी गायों का दूध खाने वाले वीआईपी के नाम पर उन गायों का नामकरण भी किया गया है.

सफेद झूठ बोल रहे है गौशाले के मैनेजर

गौशाले के मैनेजर बार- बार सफेद झूठ बोल रहे है.और उनका हर झूठ कैमरे में कैद है.पहले दिन उनके द्वारा यह बताया गया कि, मैनेजर समेत कुल 9 सेवादार यंहा काम करते है. चार पुरुष स्टाफ गायों को खाना खिलाने से लेकर,दूध निकालने का काम करते है.जिनको 48 हजार रुपये की भुगतान किया जाता है.जबकि चार महिला स्टाफ जो गोबर निकालती है.उनको 8-8 हजार रुपये के हिसाब से कुल 32 हजार भुगतान किया जाता. जबकि मैनेजर को 6 हजार दिया जाता.वही अब अपने नए बयान में पुरुषों सेवादारों की संख्या तीन बताने के साथ ही महिला सेवदारो को 4-4 हजार की भुगतान करने की बात कह रहे है.

गौशाले में चार महिला स्टाफ, फिर दो के नाम से ही क्यो कटते आ रहा है चेक !


आदर्श गौशाले में कुल चार महिला सेवादार काम कर रही है.जिसमे से दो महिला सेवदारो के नाम पर 8-8 हजार का दो चेक काटे जा रहे है. हैरानी की बात है कि उन्ही दोनों महिलाओं के पैसे में से अन्य दो महिलाओं को पैसा दिलवाया जाता है. ऐसे में लोग यह सवाल पूछ रहे है कि, वँहा काम करने वाली महिला जब चार है तो दो के नाम पर क्यो चेक काटे जा रहे है.और यदि दो महिलाओं का ही जरूरत है. तो फिर चार से काम कैसे लिया जा रहा है.

एसडीएम ने दो बार लौटाई फाइल !

आदर्श गौशाले के प्रकरण को लेकर बक्सर एसडीएम ने बताया कि, 2 बार फाइल लौटाया हूँ.नियमानुसार पूरे दस्तावेज के साथ सेल्फ अटेस्टेड कर लाने की बात कह गया है. गौशाले में गायों के साथ जो क्रूरता हुई है.वह बर्दाश्त योग्य नही है.जो लोग भी इसमें गलत तरीके से दस्तावेज लगाने या बनाने में मदद करेंगे कार्रवाई की जद में वह भी आएंगे. 25 बर्षो का लेखाजोखा मांगा गया.उसके बाद एक टीम का गठन किया जाएगा .प्रत्येक बिंदु पर जांच होगी. मार्केट के ऊपर बन रहे मार्केट का कोई भी दस्तावेज नही दिखा पा रहे है.15 जुलाई के बाद पूरी तरह से इसका जड से निवारण करने के दिशा में काम किया जाएगा.जिस स्तर पर भी गड़बड़ी हुई होगी उसी स्तर पर कार्रवाई भी होगी.


गौरतलब है कि बक्सर के आदर्श गौशाले में रह रही गायों की मौत का सिलसिला बर्षो से जारी है. जिस गौशाले की दूध बड़े-बड़े साहब से लेकर गौशाले के जिम्मेवरानो के घरों पर जाता है.उंन्होने भी इन गायों की शुद्धि नही ली.जिसको लेकर स्थानीय लोगो ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा की जब यह गौशाला है, तो बूचड़खाना किसको कहेंगे. गौशाले की कमिटी में गायों के देखरेख की जिम्मेवारी वैसे लोगो के कंधे पर कैसे दे दिया गया.जो पुआल और पेटाढ़ी में अंतर तक नही जानते है.इस पूरी कमिटी को भंग कर इनके ऊपर गायों के साथ क्रूरता करने का एफआईआर दर्ज प्रशासन कराये.नही तो अब सड़क पर आंदोलन होगा.बक्सर को चारागाह नही बनने दिया जाएगा.

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