बक्सर में हुआ 39 हजार 872 टन कचड़ा घोटाला ! विभागीय अधिकारियों में मचा हड़कम्प, स्थानीय लोगो ने कसा तंज, जमीन निगल गई या उड़ा ले गया आसमान.

 बक्सर में 39 हजार 872 टन  कचड़ा का हुआ घोटाला ! सूचना के बाद विभागीय अधिकारियों में मचा हड़कम्प. लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया था 25-30 साल पुराना कचड़ा!  खोजने में लगे नगर परिषद के अधिकारी. एवं कर्मचारी, नप के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार के अनुसार लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया है कचड़ा

लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया कचड़ा का फाइल फोटो

बक्सर- जिले के किला मैदान एवं सर्किट हाउस के बीच में पिछले 25-30 बर्षो से जमा किया गया 39 हजार 872 टन कचड़ा का घोटाला हो गया है. विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार लिगेसी वेस्ट के लिए इस कचड़ा को जमा करके रखा गया था.अधिकारी के इस दावे के बाद जब स्थल की विजिट की गई तो वँहा से सारे पुराने कचड़ा  गायब था. स्थानीय लोगो ने बताया कि किला मैदान के पूर्वी छोर पर भैरव बाबा के मंदिर के समीप टीलानुमा कचड़ा था. अचानक वँहा से कचड़ा का टीला गायब है, इस कचड़े को मिट्टी के जगह इस्तेमाल करके एक भारी-भरकम योजना के नाम पर राशि पास कराने की तैयारी है.जिस पुराने कचड़े का घोटाला हुआ है.विभागीय अधिकारी इस पूरे मामले की जांच करे कि आखिर 39 हजार 872 टन कचडे को जमीन निगल गई,या आसमान उड़ा ले गया.

क्या ? कहते है स्थानीय लोग 

डॉक्टर सत्येंद्र ओझा कांग्रेस नेता

रविवार के दिन किला मैदान में टहलने पहुँचे, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉक्टर सत्येंद्र ओझा, ने नगर परिषद के नए सरकार एवं अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि, 39 हजार 872 टन जिस पुराने कचड़े का लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया था.वह पुराना कचड़ा कहा है ? अधिकारियों ने एक सप्ताह पहले ही इस बात की दावा किया था. की 39 हजार 872 टन जो 25 साल पुराना कचड़ा किला मैदान एवं अतिथिगृह के बीच जमा है. उसे लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया है.जिसका बायोरेमेडीएशन करना है.आखिर अब किसका बायोरेमेडीएशन किया जाएगा. यह पूरे देश में अपने आप में अनूठा मामला है.

क्या ? कहते है अधिकारी

मनीष कुमार प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी

नगर परिषद के प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि. 20-25 साल पुराने कचड़े को वँहा लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया है. जिसका कुल वजन 39 हजार 872 टन है.  अधिकारी के इस दावे के बाद जब किला मैदान का निरीक्षण किया गया तो सारे पुराने कचड़े का पहाड़ रूपी टीला गायब था. पश्चिम किनारे नए कचड़े गिराते कई सफाई कर्मी दिखे जिनकी  तस्वीर कैमरे में कैद है. सफाई सूत्रों को माने तो सारे पुराने कचड़े का इस्तेमाल मिट्टी के तौर पर किया गया है. जिससे कि काली कमाई किया जा सके!

गौरतलब है कि बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में लूट की खुली छूट है ! युवा जदयू के प्रदेश महासचिव संदीप ठाकुर की माने तो, 2024 तक नप के प्रत्येक वार्ड की साफ-सफाई में 84 हजार रुपये महीने खर्च होता था. तो पूरे प्रदेश में स्वच्छता में हम तीसरे नम्बर पर थे. आज  2 साल में राशि कई गुणा बढ़ाया गया. और हम तीसरे रैंक से फिसलकर 76 वे स्थान पर पहुँच गए. .इतना सुंदर हमारे जिले में काम हो रहा है. 

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