समाज सेवा के आड़ में गौशाले के डेढ़ दर्जन दुकानों पर कर ली कब्जा मामला पकड़ा तूल तो कइयों को चढ़ा दी चढ़ावा !
गजबे है बिहार का बक्सर शहर! समाज सेवा के आड़ में कर ली गौशाले की सम्पति पर सबसे अधिक कब्जा! कई पार्टी के नेताओ का प्राप्त है इन्हें संरक्षण. समाज सेवा के नाम पर पोस्टर से पार्ट दी पूरा शहर!
बक्सर-उत्तरायणी गंगा की तट पर बसा यह बक्सर शहर, तथा कथित समाज सेवियों के कारनामो से कराह उठा है. समाज सेवा के आड़ में अपनी राजनीति चमकाने वाले लोग, गौशाले की सबसे अधिक सम्पति पर कब्जा कर अपनी बादशाहत कायम कर ली है. हैरानी की बात है कि, स्थानीय स्तर पर इनके बढ़ते प्रभाव के कारण न तो कोई इनपर कार्रवाई करने का हिम्मत जुटाता है. और न ही विरोध में आवाज उठाता है. जिसका भरपूर फायदा उठाते हुए, इन्होंने बड़ी गोदाम के साथ एक दर्जन से अधिक दुकानों पर अपनी ऐसी बादशाहत कायम कर ली. की इनके डर से महीनों तक गाय भी बैठने की हिम्मत नही जुटा पाई! और जगह के अभाव में पूरी रात खड़ी रहती है.
दुकान से लेकर, दूध पर भी है इनका ही कब्जा !
स्थानीय लोगो की माने तो समाज सेवा के आड़ में, अपना व्यपार करने वाले इस समाज सेवी का गौशाले की जमीन पर बने डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानों के साथ, वँहा रह रही गायों के दूध पर एकक्षत्र कब्जा है. सूर्य उदय में भले ही देर हो जाये, लेकिन सुबह और शाम इनके घर दूध पहुँचने में एक सेकेंड का भी समय इधर- उधर नही होता है.
समाज सेवा के आड़ में चुनाव लड़ने की युद्स्तर पर चल रही है तैयारी!
समाज सेवा के आड़ में गौशाले की सम्पति पर कब्जा जमाने के बाद. अब इनकी इनकी सपना किसी पार्टी के टिकट पर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में विधायक की टिकट पर चुनाव लड़ना है.यही कारण है कि पसीने कम और पैसा अधिक बहाकर पूरे शहर को बैनर, पोस्टर से पाटने के साथ ही नेताओ का गणेश परिक्रमा कर चढ़ावा भी चढ़ा रहे है. जिससे कि आगे गौशाले के साथ पूरे शहर को लूट सके!
विभाग के साथ सांठगांठ कर, रातोंरात बन गए करोड़ का मालिक
इस समाज सेवी को जानने वाले लोगो ने बताया कि, कुछ ही बर्ष पहले, एक विभाग के साथ सांठगांठ कर तीन नम्बर के समाग्री पर एक नम्बर का स्टिकर लगाकर, जमकर विक्री की और रातोंरात करोड़पति बन गए ! उसी रसूख का इस्तेमाल कर गौशाले की जमीन पर बने डेढ़ दर्जन दुकानों के साथ गोदाम पर भी अपना कब्जा जमा लिया.सूत्रों की माने तो, लोकसभा से लेकर, विधानसभा एवं नगर परिषद के चुनाव में लाखों का फंडिंग कर अपनी राजनीतिक जड़ो को इतना मजबूत कर लिया है.की कोई अधिकारी इनके उपर हाथ डाले,उससे पहले उसके फोन की घण्टी बज उठती है.और साहब मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते है.
अलग अलग दलों के साथ गलती है इनकी दाल!
जिले के जानेमाने राजनीतिक जानकर कन्हैया कुमार की माने तो, ये ऐसे समाज सेवी है.जिनका दाल सभी दल के नेताओ के साथ गलता है. जिसका सबसे अधिक लाभ इनको ही मिलता है.सरकार चाहे किसी का भी रहे.दबदबा इनकी कायम रहती है.जिसके बदौलत इसी शहर में देखते ही देखते अरबो की सम्पति खड़ी कर ली. कौन नही जानता है कि इसके पीछे का असली खेल कहा से हो रहा है.
कटरा लेने का क्या है बायलॉज?
इस शहर में गौशाले की जमीन पर बने मार्केट में, किसी आम आदमी को यदि कटरा लेना हो तो , साक्षात भगवान का दर्शन करने से भी ज्यादा कठिन है. स्थानीय लोग हजारों पर इस बात को जाने का प्रयास किया कि, एक ही परिवार के लोगो को किस नियमावली के तहत 18 दुकानों के साथ ही गोदाम भी दे दिया गया. और किसी जरूरतमंद को टोकरी रखने के लिए भी जगह नही दी जाती है. जिस गौशाले की सम्पति पर वंहा रह रही गायों का पहला अधिकार है.उन्ही गायों के साथ क्रूरता कर ऐसे लोग समाज के ठेकेदार बन बैठे है.
गौरतलब है कि समाज सेवा के आड़ में गौशाले की सम्पति पर अपना एकाधिकार जमाने वाले रसूखदार तथा कथित समाज सेवी के खिलाफ लोगो ने मोर्चा खोल दी है लोगो ने कहा कि एसडीएम के जांच पर हम सभी का निगहे टिकी हुई है.यदि ऐसे लोगो पर कोई कार्रवाई नही हुई.तो गायो को आजादी दिलाने के लिए राम के इस कर्म भूमि पर, एक बड़ा आंदोलन और प्रदर्शन होगा



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