बक्सर एसपी ने बिहार में पहली बार लांच की ई मालखाना एप, थाने में जब्त समाग्री अब होगा ऑन लाइन, चूहे नही पी पाएंगे शराब!
बिहार में पहली बार बक्सर पुलिस ने लांच की ई मालखना एप, थानों में जब्त सभी सामग्री का पूरी विवरण होगा ऑनलाइन, अब चूहे नही पी पाएंगे मालखाने में जब्त शराब, और गंजा, जिले के इटाढ़ी, हाता ओपी, धनसोइ, चक्की, बसुदेवा, और बगेन गोला थाने से की गई इसकी शुरुआत!
बक्सर- बिहार में पहली बार बक्सर पुलिस ने ई मालखाना एप लांच कर नए -नए कृतिमान स्थापित की है.जिले के धनसोइ, इटाढ़ी, बगेन गोला, वासुदेवा ,हाता ओपी, और चक्की थाने से इसकी शुरुआत की गई है. इन आधा दर्जन थानों में जब्त अब सभी सामग्री ऑन लाइन होगा.जिसका बार कोड स्कैन करने के साथ ही उस केस में जब्त सभी सामग्री की सूची ऑन लाइन दिख जाएगी. साथ ही छोटे छोटे सामानों को रखने के लिए, नम्बर वाइज छोटे-छोटे बॉक्स बनाये जाएंगे.जिससे कि, मालखाने का चार्ज लेते या देते समय किसी तरह की परेशानियों का सामना नही करना पड़े.
पुलिस कप्तान ने मीडिया के सामने की इसकी विधिवत शुरुवात
एप लांच करते पुलिस कप्तान
अपने कार्यालय कक्ष में एसपी शुभम आर्य ने ई मालखाना एप की विधिवत शुरुवात की, इस दौरान मीडिया को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, बिहार में पहली बार बक्सर के 6 थानों में इसका प्रयोग किया जा रहा है. अक्सर देखा जाता था. की कोई भी अधिकारी मालखाने की चार्ज लेने में आनाकानी करते रहते थे. अब सब कुछ ऑन लाइन हो जाने के बाद, काफी सहूलियत होगी. बार कोड स्कैन करने के साथ ही पूरी जानकारी मिल जाएगी.जिसमे दूरी के साथ सब कुछ मेंशन होगा. चीजे भी व्यवस्थित ढंग से रहेगी.धीरे-धीरे जिले के सभी थाने में इस एप के माध्यम से मालखाने में जब्त सभी सामग्री को ऑन लाइन किया जाएगा.
Byte शुभम आर्य एसपी
अब चूहे भी नही पी पाएंगे शराब
बक्सर एसपी के इस पहल को स्थानीय लोगो ने जमकर सराहना करते हुए कहा कि, किसी केस में जब्त वाहन से लेकर हथियार या अन्य सामग्री को कवाड़ की तरह फेक दिया जाता था.कोर्ट से रिलीज होने के बाद जब उक्त समाग्री लेने पहुँचते है तो नई वाहन भी कबाड़ बन जाती है. अब इस एप को लांच हो जाने के बाद पुलिस भी सक्रिय रहेगी.चीजों को व्यवस्थित ढंग से रखेगी. इससे यह फायदा होगा कि चूहे अब शराब या गंजा नही पी पाएंगे.
गौरतलब है कि ई मालखाना एप लांच होने के बाद अब बक्सर पुलिस भी अपडेट हो जाएगी. जानकारों की माने तो इस एप का उपयोग देश की राजधानी दिल्ली की पुलिस अपने थानों में करती है.


Comments
Post a Comment