नाकामी के कचड़े पर डाली गई कामयाबी की मिट्टी,खुली पोल
नप के अधिकारी जिला मुख्यालय में खेल रहे है गजब का खेल ! क्या साहब की है मौन सहमति ? या कमीशन ने जबान पर लगा दिया है ताला ! बोले राजद नेता समरथ का नही दोष गोसाई !
कचड़े के ऊपर डाल दी नाकामी की मिट्टी
बक्सर- ये बिहार का बक्सर जिला है.उत्तरायणी गंगा की तट पर बसा यह शहर पूरे विश्व में अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. लंबे संघर्ष के बाद 17 मार्च 1991 को इसे जिले की दर्जा मिली और पहले जिलाधीकारी के रूप में दीपक कुमार ने कमान संभाली. और इस जिले को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई. स्थापना के 34 साल बाद अब यह शहर बदहाली से कराह उठा है !
पहले कचड़े को गढ़े में डलवाई ! फिर मिट्टी डालवाय !
कामयाबी का कचड़ा गिराते सफाई कर्मीनगर थाने के नाक के नीचे शहर के ऐतिहासिक किला मैदान से 39 हजार 872 टन कचड़े की गायब होने की खबर, मीडिया में प्रकाशित होने के बाद, विभाग ने भले ही लिगेसी वेस्ट का टेंडर रद्द कर अपनी नाकामी पर पर्दा डालने की नाकाम कोशिश की हो, लेकिन यह मामला अब पूरे सिष्टम के लिए यह मामला गले का फ़ांस बनते जा रहा है. .
कचड़े ने खोल दी पोल !
शहर की खूबसूरत तस्वीरबक्सर नगर परिषद क्षेत्र में कुल 42 वार्ड है.जिसकी साफ सफाई में 13 करोड़ 80 लाख की राशि प्रत्येक वर्ष खर्च की जा रही है. विभागीय अधिकारियों की माने तो, शहर को चकाचक करने में कुल 600 सफाई कर्मी दिन रात लगे हुए है. शहर की कचड़े को शहर में ही डंप करने के लिए लिखित आदेश की जरूरत नही होता है. मौखिक आदेश ही काफी है. अब सवाल उठ रहा है कि, 39 हजार 872 टन कचड़े को मिट्टी में दबाकर कचड़े को मिट्टी बनाने के लिए भी क्या? विभाग ने कोई लिखित टेंडर निकाला था.या मौखिक टेंडर पर ही, राजा रुद्रदेव के किले में 39 हजार 872 टन कचड़े को दफन कर दिया गया !और उसके ऊपर से नाकामी की मिट्टी विभाग ने गिरा दी !
क्या कहते है इत्तिहास के छात्र ?
इत्तिहास पर शोध करने वाले छात्र गौरव ने नगर परिषद, एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा की, आने वाले 100, या 500 साल बाद, जब पूरातात्विक विभाग के अधिकारी राजा रुद्रदेव के किले की खुदाई कराएगा तो, कितनी खूबसूरत वह नजारा होगा. और हमारे बक्सर का गौरवशाली इत्तिहास होगा जंहा खुदाई में प्राचीन काल की वस्तुओं की जगह, कचड़े ही कचड़े की प्राप्ति होगी. और हमारा एक अलग इत्तिहास लिखा जाएगा.
क्या कहते है राजद के नेता ?
राजद नेता अयोध्या यादवशहर के बीचोबीच राजा रुद्रदेव के किले में, 39 हजार 872 टन कचड़े की दफन करने का मामला सामने आने के बाद, राजद के नेताओ ने जिला प्रशासन एवं नगर परिषद के अधिकारियों पर चौतरफा हमला शुरू कर दी है. राजद जिला महासचिव, सह बक्सर व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता अयोध्या यादव ने कहा कि, पूरे नगर परिषद क्षेत्र में किसकी मौन सहमति से लूट की खुली छूट दी गई है. बिना मौन सहमति के राजा रुद्रदेव के किले में कैसे कचड़ा को डंप नही किया गया होगा. बक्सर के इत्तिहास को मिटाने की कोशिश करने वालो ने जल्द ही वँहा से कचड़े नही हटाई, तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन होगा.जिसकी गूंज चुनाव के दौरान पूरे बिहार में सुनाई देगी .
गौरतलब है कि एक साजिश के तहत, रात के अंधेरे में जिले की गौरवशाली इतिहास को मिटाने की एक साजिश रची जा रही है.जिसके खिलाफ लोगो में आक्रोश है.लोगो की माने तो यह शहर भगवान भरोसे ही चल रहा है.इस पूरे प्रकरण को लेकर जब नप के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार से बात करने की कोशिश की गई.तो उन्होंने वीसी में होने के कारण समय नही दे पाने की बात कही.जिसके कारण विभाग का पक्ष नही लिखा गया.




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