आदर्श गौशाले के आड़ में चल रहे गोरख धंधे पर एसडीएम ने कर दी सर्जिकल स्ट्राइक मचा हड़कम्प
कुव्यवस्था का पूरा पोटली है. बक्सर का आदर्श गौशाला. जिलाधीकारी के आदेश पर जांच करने पहुँचे एसडीएम ने कर दी गौशाले के आड़ में चल रहे गोरख धंधे पर सर्जिकल स्ट्राइक , सफेद पोशों में मचा हड़कम्प, नई कमिटी बनाकर किया जाएगा अनियमितता की जांच! कटरा के ऊपर बन रहे कटरा निर्माण कार्य पर भी लग गया रोक.परेशान दिखे तथा कथित समाजसेवी, तो स्थानीय लोगो ने एसडीएम को दिया धन्यवाद.
आदर्श गौशाले में जांच करते एसडीएम
बक्सर-नगर थाना के समीप, महाराजा पेट्रोल पम्प के ठीक सामने स्थित आदर्श गौशाले की अरबो की सम्पती है. उसके बाद भी इस गौशाले में रहने वाली गायों की इलाज के अभाव में मौत हो रही है. शनिवार के दिन इलाज के अभाव में हुई एक गाय की मौत की खबर प्रकाशित होने के बाद, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने एक्शन शुरू कर दी है.जिलाधीकारी के आदेश पर इस गौशाले की कुव्यवस्था की जांच करने पहुँचे, एसडीएम अविनाश कुमार की एक्शन से तथा कथित समाज सेवियों एवं कमिटी के लोगो मे हड़कम्प मच गई है. जांच के दौरान एसडीएम ने मीडिया को बताया कि, कोई भी प्रॉपर कागज कमिटी के लोग नही दिखा पाए है. इस गौशाले की अनियमितता साफ झलक रही है. पूरी कागजात के साथ कार्यालय में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है. नई कमिटी बनाकर इसकी जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी.
झूठ की पेंड पर उगाए जा रहे है गौ सेवा के फल !
कटरे के ऊपर बन रहा था कटरा लगी रोक
गौ सेवा के आड़ में खुद की जेब, के साथ पेट भरने वाले लोग झूठ की पेड़ पर गौ सेवा का फल उगाकर इस जिले के बड़े समाज सेवी बने हुए है.जिस गौशाले की जमीन पर बने मार्केट में रोजगार कर लोग करोड़ो कमा रहे है.उस आदर्श गौशाले की गायों की दुर्दशा देख किसी की भी रूह कांप जाए. शहर के बीचोबीच इस गौशाले के नाम पर एक बड़ा मार्केट मेन रोड पर है. जिसमे तीन दर्जन दुकाने है. पशुओं की भोजन के लिए इस गौशाले की अपनी 6 बीघा चारागाह की जमीन इसी शहर में है. जिसके कुछ हिस्से पर धन पशुओं ने कब्जा कर लिया है.एसडीएम ने कहा कि अंचलाधिकारी को आदेश दिया गया है. उस जमीन का पूरा विवरण दे जिससे कि उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके.
गौशाले के अंदर मरी पड़ी थी गाय !
गौशाले के अंदर मृत पड़ी गायशनिवार के दिन 11 -12 बजे के बीच दोपहर में, गौशाले की कैम्पस के अंदर एक गाय मरी पड़ी थी. कुछ गायों को कमरों के अंदर ठूसकर भर दिया गया था. तो कुछ बाहर ही सेड में खड़ी थी. हालात ऐसी थी कि वह बैठ भी नही सकती थी. जैसे ही मीडिया की कैमरे पर नजर पड़ी.मैनेजर से लेकर सेवादार अपनी कुर्सी के साथ रजिस्टर भी ठीक करने लगे. लेकिन चाहकर भी वह अपने खामियों पर पर्दा नही डाल सके. जिस गाय की मौत हुई थी. उसका तीन दिन से इलाज चलने की बात कही जा रही थी. जिसका न तो कोई पर्ची थी. और न ही रजिस्टर में इंट्री थी.जिसके बाद गौशाले कमिटी के लोग इस पूरे मामले पर पर्दा डालने में लग गए.
कौन बोल रहा है झूठ?
गौशाले के अंदर जमीन पर मरी पड़ी गाय को लेकर, जब इस गौशाले के सचिव अनिल मानसिंहका, से फोन पर बात की गई. तो उन्होंने बताया कि,पिछले तीन दिनों से यह गाय बीमार है.जिसका इलाज डॉक्टर कर रहे है.दवा का इंतजाम बाहर से किया गया है. जिलेवासियों के मेहरबानी के बदौलत यह गौशाला चल रहा है. लोग दान देते है तो मवेशियों के लिए दवा से लेकर, चारे तक का इंतजाम किया जाता है.वही उनसे जब यह पूछा गया की गौशाले के अरबो की सम्पति है.तीन दर्जन दुकानें चल रही है.सरकारी अनुदान से लेकर , स्थानीय लोग दान दे रहे है.उसके बाद भी इतनी बदहाल स्थिति क्यो है? जिसका जवाब देते हुए उंन्होने कहा कि इसका जवाब गौशाले के मैनेजर देंगे! वही गौशाले के मैनेजर ने बताया कि, गाय का इलाज कम्पाउंडर के द्वारा किया जा रहा है.जिसके लिए दवा बाहर से मंगवाया जा रहा है. जब उनसे इलाज की पर्ची मांगी गई, तो उन्होंने रजिस्टर थमा दी.जिसमे एक बीमार गाय की जो जानकारी अंकित की गई थीं, वह 28 जून 2025 के तारीख में अंकित था.जब मरी हुई गाय की इलाज की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली.
महीने में हो रही है पांच गायों की मौत !
मैनेजर की माने तो महीने में पांच गायों की मौत हो रही है.प्रशासन के द्वारा पकड़े गये गायों को भी यही रखा जाता है.इस गौशाले में रहने वाली कुल गायों की संख्या 108 है. जबकि सचिव के अनुसार 118 है. जिनके देख रेख के लिए 48 हजार महीने पर चार पुरुष सेवादार, और 32 हजार महीने पर चार महिला सेवादारो को रखा गया है. इसके अलावे मैनेजर की सैलरी 6 हजार दी जाती है. जिनका काम कुल आय और खर्च का की जानकारी रखना है.
खोराकी के नाम पर ऊंट के मुँह में जीरा
सेवदारो की माने तो चारा खिलाने के लिए 118 गायों पर प्रतिदिन दोनों टाइम मिलाकर 65 किलो चोकर और 15 किलो खली खिलाया जाता है. कुल गाय से 60 लीटर दूध प्राप्त होता है. जिसे यही से स्थानीय लोगो को बेच दिया जाता है. वही अन्य पशु व्यपारियो की माने तो एक गाय पर कम से कम प्रतिदिन 3 किलो ग्राम चोकर देना चाहिए, जिससे कि उसके स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े.
क्या कहते है एसडीएम ?
गौशाले की जांच करने पहुँचे सदर एसडीएम अविनाश कुमार पूरे एक्शन में दिखे, इस दौरान उन्होंने गौशाले के जमीन पर बने मार्केट के ऊपर बन रहे नए मार्केट के निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगाते हुए कहा कि, कई अनियमितता है. जो कागजात मांगा जा रहा है. वह भी उपलब्ध नही है.पूरे कागजात लेकर उपस्थित होने का आदेश दिया गया है. जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी. गौशाले का नाम तो आदर्श है. लेकिन आदर्श कुछ भी नही दिखाई दे रहा है. जिसे आदर्श बनाया जाएगा.
Byte अविनाश कुमार एसडीएम सदर
गौरतलब है कि गौ सेवा के आड़ में, जेब गरम करने की चल रहे गोरख धंधे पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया है. जिससे समाज सेवा के आड़ में गोरख धंधा करने वाले सफेदपोशों में हडकम्प मच गया है. वही एसडीएम के इस एक्शन को आम लोगो ने जमकर सराहना करते हुए कहा कि, गौ माता को कष्ट देने वालो के प्रति एसडीएम का जो एक्शन है. इसे हमेशा याद रखा जाएगा.



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