लिगेसी वेस्ट का टेंडर हुआ रद्द ! कचड़े घोटाले की खबर प्रकाशित होते ही अपने गर्दन को बचाने में जुटे नप के अधिकारी.

 लिगेसी वेस्ट का टेंडर हुआ रद्द.कचड़ा घोटाले की खबर प्रकाशित होते ही विभाग में मच गया हड़कम्प!आननफानन में विभागीय अधिकारियों ने किया टेंडर रद्द.

बक्सर - नगर थाने के नाक के नीचे, शहर के किला मैदान से लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया 39 हजार 872 टन कचड़े की घोटाला होने की खबर प्रकाशित होते ही विभागीय अधिकारियों ने अपनी गर्दन फंसता देख लिगेसी वेस्ट का टेंडर को रद्द कर दिया है.नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी रवि कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि, टेंडर को रद कर दिया गया है. जिसके बाद विभाग में ही चर्चाओं का बाजार गरम है. विभागीय सूत्रों की माने तो 39 हजार 872 टन लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया कचड़े का इस्तेमाल मिट्टी के रूप में करके लाखो रुपये का चूना लगाया गया है.जिसमे कई सफेदपोश के साथ ठेकेदार भी शामिल है.

स्थानीय लोगो ने जिलाधीकारी से की जांच की मांग ! 

लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया कचड़ा के ऊपर डाल दिया गया मिट्टी

शहर के ऐतिहासिक किला मैदान में, लिगेसी वेस्ट के लिए रखे गए , तीन दशक पुराना 39 हजार 872  टन कचड़े के गायब होने की सूचना ने सबको हैरान कर दिया है. स्थानीय लोगो ने बक्सर जिलाधीकारी से इस पुर्रे प्रकरण की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि .नप के स्वच्छता पदाधिकारी के अनुसार 50 साल पुराना, जबकि कार्यपालक पदाधिकारी के अनुसार 25-30 साल पुराना 39 हजार 872 टन कचड़ा किला मैदान एवं सर्किट हाउस के बीच में लिगेसी वेस्ट के लिए रखा गया है.तो आखिर वह पुराना कचड़ा कहा गया ? जिलाधीकारी इसकी जांच कराए

क्या ? कहते है स्थानीय लोग

किला मैदान में कूड़ा गिराते डम्फर

किला मैदान में टहलने पहुँचे, जदयू के युवा प्रदेश महासचिव संदीप ठाकुर, ने नप के अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि. बक्सर विश्वमित्र के साथ ही साथ ताड़का का भी नगरी रहा है. जिसका साक्षात प्रभाव  समय -समय पर देखने को भी मिल ही जाता है. जिस किला मैदान में सुबह- शाम हजारों लोग स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए आते है. वही रात के अंधेरे में नगर परिषद के अधिकारी कूड़ा डंप करा रहे है. और सुबह यह सफाई दिया जा रहा है.की 50 साल पुराना कचड़ा है.जिलाधीकारी इसकी जांच कराए की ये गीला कचड़ा 50 साल पुराना है.या 5 घण्टे पुराना! सारे पुराने कचड़े का इस्तेमाल विभागीय लोगो ने मिट्टी के रूप में करके लाखो की कमाई कर ली है.और जब राज खुलने लगा  तो टेंडर कैंसल कर अपनी नाकामी को दबाने में लगे हुए है. कचड़ा का इस्तेमाल  शहर में कहा हुआ है.इसका भी जानकारी मिल गई है. एक-एक करके सभी लोग बेनकाब होंगे.

संदीप ठाकुर जदयू प्रदेश युवा महासचिव

गौरतलब है कि कचड़ा घोटाले की खबर प्रकाशित होने  के बाद लिगेसी वेस्ट के टेंडर को कैंसल कर अधिकारियों ने यह साबित कर दिया. की नप में किस स्तर का खेल चल रहा है.कही पोखरा खुदाई के नाम पर हजारों टाली मिट्टी बेची जा रही है.तो कही कचड़े को ही मिट्टी बना दिया जा रहा है.क्योकि?साहब का मौखिक आदेश से ही पूरा विभाग कांप जाता है. जिसका भरपूर लाभ उठाने में साहब को कोई गुरेज नही !

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