गजब कर दी साहब ने मिट्टी पर डाल दी बेशर्मी के कचड़े !
गजब कर दी साहब ! बेशर्मी की कचड़े से ढक दी मिट्टी ! कैमरे में कैद हुई तस्वीर तो एजेंसी को भेज दी नोटिश ! क्या ? तबादले से पहले पूरी शहर को लूट लेने का है इरादा! खामोश है तथाकथित समाज के सेवक ! क्या कमीशन ने जबान पर लगा दी है ताला?????.
मिट्टी पर डाल दी बेशर्मी के कचड़ेबक्सर- यह बिहार का बक्सर है साहब ! यंहा के अधिकारियों और तथाकथित समाज सेवको के काले कारनामे को देखकर शर्म भी शर्म से शर्माकर अपना सर झुका लिया है! लेकिन कमीशन से मिलने वाले नोटो की चमक ने इनके आंखों को इतना चौंधिया दिया है. की इनको कुछ भी दिखाई नही दे रहा है. यही कारण है कि एक के बाद एक अपने नित्य नए कारनामे से नगर परिषद ने पूरे महकमे को कलंकित कर दिया है ! मामला नगर परिषद का है. जंहा के अधिकारी एवं तथाकथित समाज के सेवक, पहले 39 हजार 872 टन कचड़े का घोंटला करते है ! उस घोटाले को दबाने के लिए बिना टेंडर, और निविदा के ही रातोरात उस पर मिट्टी डालकर, मिट्टी का पैसा हजम कर जाते है! और जब मिट्टी का मामला उजागर होता है.तो उस पर पुनः कचड़ा डाल देते है. जब सम्बंधित स्वच्छता पदाधिकारी रवि कुमार से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने इस तरह की कोई जानकारी नही होने की बात कही. जरा सोचिए 13 करोड़ 80 लाख शहर की साफ सफाई पर खर्च करने के बाद भी, हमारा शहर सफाई के मामले 76 वे स्थान पर है इससे बड़ा इस शहर के लिए क्या दुर्भाग्य होगा?
नप के अधिकारी खेल रहे है कैसा खेल !
13 करोड़ 80 लाख वाली गंदगी !बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में अधिकारी गजब का खेल खेल रहे है. 1054 ईस्वी में राजा रुद्रदेव द्वारा स्थापित बक्सर किले की सुरक्षा के लिए बनाई गई खाई में लिगेसी वेस्ट के लिए रखे गए, 39 हजार 872 टन नाकामी के कचड़े पर रातोंरात कामयाबी की मिट्टी डाल दी! एक बार फिर जब मिट्टी भराई का मामला ने तूल पकड़ा तो, रातोरात अधिकारियों ने मिट्टी के ऊपर बेशर्मी की कचड़े डालकर अपने काले कारनामे पर पर्दा डालने की नाकाम कोशिश की है. इस पूरे खेल में अधिकारी बलि के बकरे के तौर पर एजेंसी का इस्तेमाल करने के लिए शो कॉज कर एजेंसी को काली सूची में डालने की चेतावनी दी है.
कार्यपालक पदाधिकारी ने एजेंसी से मांगी स्पष्टीकरण !
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा 8 अगस्त 2025 को एक पत्र के माध्यम से नगर परिषद की सफाई एजेंसी मौर्यन कार्स, ऑटो सर्विस एल0एल0पी0 त्यागी भवन न्यू बेली रोड सगुना दानापुर पटना शोकॉज किया है.अधिकारी द्वारा जारी पत्र में अंकित है कि, नगर भ्रमण के दौरान यह पाया गया कि, समाहरणालय रोड, बारी टोला,धोबी घाट, गौरीशंकर मंदिर, नया बाजार,बाईपास रोड नहर किनारे, समेत शहर के कई इलाकों में नियम के विरुद्ध कचड़ा गिराया जा रहा है. जंहा बरसात के पानी के सम्पर्क में आने के कारण कचड़े से बदबू उठ रहे है.और तरह-तरह के बीमारी फैलने की आशंका है. साथ ही मजदूरों का ससमय वेतन की भुगतान आपके द्वारा नही किया जा रहा है. पत्र प्राप्ति के 24 घण्टे के अंदर,अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें नही तो, भुगतान में कटौती करते हुए आपके एजेंसी को काली सूची में डालने के लिए अग्रतर कार्रवाई की जाएगी !
खेल का खिलाड़ी पर्दे के पीछे से खेल रहा है पूरा खेल !
राजा रुद्रदेव के किले की मिटाई जा रही पहचान को लेकर, पटना यूनिवर्सिटी के छात्रा निभा कुमारी ने नप के अधिकारियों के साथ ही साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि, 1054 ईस्वी में स्थापित राजा ररुददेव का किला 1764 ईस्वी में बक्सर के कतकौली मैदान में हुए बक्सर युद्ध की जीवंत कहानियों को दर्शाता है. आने वाली पीढियां जब यह पूछेगी की किला की संरचना कैसा होता था. तो क्या ? हम अपने बच्चों को कागजो पर ही बताएंगे ! किसी भी किले की पहचान उसके सुरक्षा के लिए बनाई गई खाई होता है. पर्यटन की दृष्टि से यदि उस खाई में पानी भरकर नौका विहार की शुरुवात कर दिया जाता तो पर्यटन की दृष्टि से किले की महत्व कितना बढ़ जाता. जिलाधिकारी को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर दोषियो पर कार्रवाई करनी चाहिए !
लोगो ने जिलाधीकारी से पूछा सवाल!
जदयू युवा प्रदेश महासचिव संदीप ठाकुर ने, जिला प्रशासन के अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि, जिला मुख्यालय में, शहर के किले की अस्तित्व को मिटाने के लिए इतनी बड़ी साजिश हो रही है. और जिलाधीकारी खामोश है. नगर परिषद के अधिकारियों के इस कारनामे के पीछे आखिर किसकी मौन सहमति है. किला तो कैसर-ए -हिन्द की भूमि पर स्थापित है!
गौरतलब है की बक्सर नगर परिषद कार्यालय के अधिकारियों, एवं सफेफपोशों के सांठगांठ से पहले शहर के ऐतिहासिक राजा रुद्रदेव के किले की सुरक्षा के लिए बनी खाई में 39 हजार 8 72 टन कचड़े डाल दी गई ! मुख्यमंत्री के यात्रा का हवाला देते हुए, उस कचड़े के ऊपर मिट्टी डाल दी गई.और जब इस मिट्टी के मामले ने तूल पकड़ा तो उस मिट्टी के ऊपर पुनः कचड़ा फैला दी . विभागीय सूत्रों ने बताया कि, भू माफिया के हवाले उस पूरी जमीन को करने की तैयारी चल रही थी.लेकिन अचानक हुए विवाद ने पूरे मनसूबे पर पानी फेर दी है.



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