सफाई कर्मचारियों के पैसे से तथाकथित समाज सेवको का चल रहा है जेब खर्च ! स्थानीय लोगो ने लगाया गम्भीर आरोप !

 बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में चल रहा है गजब का खेल ! सफाई कर्मचारियो के नाम पर फर्जी बिल फाड़कर अपना जेब भरने में जुटे तथाकथित समाज सेवी, संग सरकारी कर्मचारी ! दिशा की बैठक में प्रमाण के साथ राजद के नेता संग अन्य लोग उठाएंगे मामला

15 अगस्त को किला मैदान में कचड़ा गिराकर बाहर निकलते सफाई कर्मचारी

बक्सर-स्थानीय नगर परिषद क्षेत्र में कुल 42 वार्ड है. जिसकी साफ- सफाई के लिए 1 करोड़ 15 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च किया जाता है. जिसकी जिम्मेवारी सफाई एजेंसी मौर्यन कार्स ऑटो सर्विस एलएलपी को दिया गया है. स्वच्छता पदाधिकारी की माने तो, बक्सर नगर परिषद क्षेत्र से प्रतिदिन 88 टन कचड़ा निकलता है. संख्या के हिसाब से किसी भी वार्ड में सफाई के लिए मजदूर का व्यवस्था नही किया गया है. कुल 600 मजदूर इस नगर परिषद क्षेत्र की साफ-सफाई में लगाये गए है. एजेंसी के लोग कही भी कचड़ा गिराए उनके ऊपर  जुर्माना करने  के अलावे अन्य किसी तरह की कोई कार्रवाई करने का अधिकार नही है. इसी कारण केवल राशि की कटौती ही की जाती है. इसी कारण 1 करोड़ 15 लाख के टेंडर में एक करोड़ का भुगतान किया जाता है.15 लाख की कटौती कर ली जाती है.

तो क्या  कटौती के नाम पर अधिकारी खेल रहे है ?

राजा रुददेव के किले में कचड़ा गिराते हाइवा की तस्वीर

नगर परिषद क्षेत्र की साफ सफाई के लिए, नप के अधिकारियों ने जिस सफाई एजेंसी के साथ कॉन्ट्रेक्ट साइन की है! उसके अनुसार शहर से प्रत्येक दिन निकलने वाले 880 क्विंटल कचड़े को शहर से 18 किलोमीटर दूर, खतीबा में बनाये गए तथाकथित रूप से  कूड़ा डंपिंग जोन में डंप करने का अग्रीमेंट हुआ है. जिसके लिए कुल,19 टिपर, दो बड़ी हाइवा, 40 ई रिक्सा, ट्रैक्टर ,जेसीबी समेत लगभग कुल 6 दर्जन गाड़िया है. जिसमे से 90 प्रतिशत गाड़िया बिना रजिस्ट्रेशन के ही सड़को पर सरपट दौड़ लगा रही है. यह सभी गाड़िया 18 किलोमीटर दूर जाने के बजाए, शहर के कचड़े को शहर में ही डंप कर,तेल से लेकर कर्मचारियों के पैसे का बचत कर लेते है.

कौन बोल रहा है कितना सच ?

नगर परिषद के ही एक सफाई कर्मचारी ने नाम नही छापने के शर्त पर बताया कि, इस शहर के कुल 42 वार्ड में औसतन 7 और किसी -किसी ताकतवर वार्ड पार्षद के वार्ड में कुल 8 कर्मचारियो की हाजरी बनता है.जिसमे से धरातल पर मात्र 5 ही कर्मचारी काम करते है और दो मजदूर का प्रत्येक वार्ड में 26 हजार रुपये कौन हजम करता है.इस बात को सभी जानते है.पूरे नगर परिषद क्षेत्र में लगभग 100 मजदूरों का पैसा हजम किया जाता है. सफाई कर्मचारी के द्वारा बताए गए आंकड़ों को लेकर जब क्रोस चेक किया गया तो स्वच्छता पदाधिकारी ने बताया कि, 600  सफाई कर्मचारी शहर के साफ सफाई में लगे हुए है. वही चेयरमैन प्रतिनिधि की माने तो 500 प्लस मजदूर वर्तमान में है. हालांकि इसका लिखित जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी के आदेश के एक महीने बाद भी विभागीय अधिकारियों के द्वारा उपलब्ध नही कराया गया है.जिसको लेकर स्थानीय लोग कई तरह के सवाल खड़ा कर रहे है.

क्या कहते है स्थानीय लोग ?

राजद झुग्गी-झोपड़ी स्वच्छकार श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष भारती ने, नगर परिषद के अधिकारियो एवं सफेदपोशों पर कई गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि, सफाई कर्मचारियॉ की संख्या अधिक बताकर,यंहा के तथाकथित सफेदपोश,एवं कर्मचारी लाखो रुपये प्रतिमाह हजम कर रहे है. जिसका लिखित प्रमाण उपलब्ध है.इस बार दिशा की बैठक में, राजा रुद्रदेव के किले की खाई से लेकर, कर्मचारियो की संख्या में कई गई हेराफेरी का मामला समाहरणालय के सभागार में पूरे प्रमाण के साथ गूंजेगा.बिना नम्बर प्लेट की 6 दर्जन गाड़िया कैसे चल रही है इसका भी जवाब देना होगा! की !

गैरतलब है कि नगर परिषद क्षेत्र में सफाई कर्मचारी घोटाला सुर्खियों में है. चाय की दुकान से लेकर चौक -चौराहों पर चर्चा सरेआम हो रही है. की, कुछ सफाई कर्मचारियो के नाम का फर्जी बिल फाड़कर तथाकथित समाज सेवको का जेब खर्च चलाया जा रहा है! 

Comments

Popular posts from this blog

भाजपा जिलाध्यक्ष को मिला पेट्रोल पम्प की सौगात ! कार्यकर्ताओ ने कहा तेरे पैरों तले जमीन नही है!

बक्सर में लौटा जंगल राज दो टकिया गुंडे ने बीच बाजार में मेरे पति के नही पुलिस के गाल पर मारा है तमाचा ! बोली दुर्गावती चतुर्वेदी अपराधी को जाती से जोड़कर देख रहे है कुछ चवन्नी छाप नेता !

वीर कुंवर सिंह सेतु की रेलिंग तोड़ते हुए गंगा नदी में गिरी स्कार्पियो राहत बचाव कार्य मे जुटी पुलिस