बीजेपी द्वारा आयोजित युवा जन संवाद कार्यक्रम पर यूथ कांग्रेस नेता आशुतोष त्रिपाठी ने कसा तंज कहा युवाओं की असल मुद्दों पर बात करने से डरते है भाजपा के नेता !
किला मैदान में बीजेपी का युवा संवाद पर यूथ कांग्रेस नेता आशुतोष त्रिपाठी ने कसा तंज ! कहा असल मुद्दों से खुद को किनारा करने में माहिर है भाजपा के नेता !
कांग्रेस नेता आशुतोष त्रिपाठी
बक्सर-शहर के ऐतिहासिक किला मैदान में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में पार्टी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह का आगमन हुआ. मंच से जोश से भरे भाषण दिए गए, नारों की गूंज सुनाई दी और युवाओं को संबोधित कर चुनावी माहौल को एनडीए के पक्ष में करने की भरपूर कोशिश की गई . लेकिन असल मुद्दे युवाओं की समस्याओं पर भाजपा के किसी भी नेता ने चर्चा तक नही की जिसके कारण विपक्ष को बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया है. और इस कार्यक्रम ने राजनीतिक बहस को भी जन्म दे दिया है.
यूथ कांग्रेस नेता ने कसा तंज
यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आशुतोष त्रिपाठी ने बीजेपी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि "युवा संवाद" नामक इस कार्यक्रम में युवाओं की वास्तविक समस्याओं पर एक शब्द तक नहीं बोला गया. रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दे गायब रहे, जबकि भाषणों में सिर्फ हिन्दू-मुसलमान की बातों पर जोर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता बार-बार धार्मिक मुद्दों को हवा देकर असली समस्याओं से जनता को भटकाना चाहते हैं.
"युवाओं की उम्मीदों से खेल रही भाजपा"
आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि बिहार का युवा बेरोजगारी से त्रस्त है. प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया बार-बार रद्द होती है, सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां वर्षों से लंबित हैं, और निजी क्षेत्र में अवसर लगातार घट रहे हैं. इन सवालों का जवाब देने की बजाय बीजेपी मंच से केवल धर्म और भावनाओं की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को सच में "युवा संवाद" करना था तो बेरोजगारों, छात्रों और किसानों की समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए थी.
"बिहार की जनता अब समझ चुकी है इनकी खेल !
यूथ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बिहार की जनता अब भाजपा और एनडीए का असली चेहरा पहचान चुकी है. उन्होंने कहा कि "लोग समझ चुके हैं कि यह संवाद नहीं, बल्कि चुनावी प्रोपगैंडा है. इस बार बिहार की जनता बीजेपी और एनडीए को करारा जवाब देगी और इनकी बोरिया-बिस्तर बांध कर राज्य से बाहर का रास्ता दिखा देगी."
किला मैदान में बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन
कार्यक्रम में बीजेपी ने युवाओं की भारी भीड़ जुटाने का दावा किया. मंच पर पार्टी नेताओं ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और केंद्र की योजनाओं को बिहार के विकास से जोड़कर पेश करने की कोशिश की. स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इसे "ऐतिहासिक" कार्यक्रम करार दिया. परंतु, युवाओं की भीड़ में से कई ऐसे भी थे जिन्होंने माना कि उन्हें उम्मीद थी कि रोजगार और शिक्षा से जुड़ी घोषणाएं होंगी, लेकिन वैसा कुछ सुनने को नहीं मिला.
विपक्ष के सवालों का जवाब टालती भाजपा
हालांकि बीजेपी नेताओं ने सीधे तौर पर यूथ कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन इतना जरूर कहा कि विपक्ष निराधार बयानबाजी कर रहा है और जनता केंद्र की नीतियों पर भरोसा करती है. पार्टी पदाधिकारियों ने दावा किया कि बिहार में विकास और सुशासन की गारंटी सिर्फ एनडीए दे सकता है, और यही संदेश इस "युवा संवाद" के जरिए देने की कोशिश की गई है.
चुनावी रणनीति या जन संवाद?
राजनीतिक जानकार माने तो बक्सर का यह कार्यक्रम भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है. ऐतिहासिक किला मैदान में सभा कर पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि युवा अब भी उसके साथ हैं. लेकिन भाषणों की सामग्री और विपक्ष के सवालों ने इसे विवादित बना दिया है अगर भाजपा सचमुच युवाओं तक पहुंच बनाना चाहती है, तो उसे रोजगार और शिक्षा जैसे मूल मुद्दों पर ठोस योजना पेश करनी होगी
गौरतलब है कि बक्सर का यह युवा संवाद कार्यक्रम राजनीतिक गर्माहट पैदा कर गया है. एक तरफ भाजपा इसे अपनी ताकत और समर्थन का प्रमाण बता रही है, वहीं दूसरी तरफ यूथ कांग्रेस इसे जनता को गुमराह करने का प्रयास कह रही है. असली तस्वीर तो आने वाले चुनावों में साफ होगी, लेकिन इतना तय है कि युवाओं की उम्मीदें और सवाल अब राजनीति का केंद्र बिंदु बन चुके हैं.



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