एसडीएम कोर्ट में ही अधिवक्ताओं एवं एसडीएम के बीच झड़प! वीडियो आया सामने. एसडीएम के बॉडीगार्ड की हुई पिटाई !
बक्सर SDM कोर्ट में हंगामा: अधिवक्ताओं पर बॉडीगार्ड से मारपीट और SDM से दुर्व्यवहार का आरोप, वकीलों ने कहा नियम कानून ताक पर रखकर एसडीएम चला रहे है कोर्ट! रोक- टोक करने पर करते है अभद्र व्यवहार !
एसडीएम के बॉडीगार्ड की पिटाई !
बक्सर- जिले के एसडीएम कोर्ट में गुरुवार को बड़ा बवाल देखने को मिला. मामला सीधे-सीधे एसडीएम कोर्ट से जुड़ा है, जहाँ एक ओर प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि अधिवक्ताओं ने कोर्ट में घुसकर बॉडीगार्ड की पिटाई कर दी और एसडीएम के साथ भी दुर्व्यवहार किया, वहीं अधिवक्ताओं ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि एसडीएम साहब नियम-कानून को ताक पर रखकर कोर्ट चलाते हैं और बार-बार अधिवक्ताओं से अभद्रता करते हैं!
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार , 16 सितंबर को एसडीएम कोर्ट में धारा 107 के एक मामले की सुनवाई चल रही थी. इस दौरान आरोपी को जेल भेजने का आदेश दे दिया गया. अधिवक्ताओं का कहना है कि 107 की धारा में जेल भेजने का कोई प्रवधान ही नहीं है. इस पर उन्होंने आपत्ति जताई और कोर्ट में ही बहस छिड़ गई.मामला इतना बढ़ा कि दो दिन बाद 18 सितम्बर को अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार किया. इसी बीच कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक मारपीट में बदल गई. प्रशासन का कहना है कि इस दौरान बॉडीगार्ड के साथ मारपीट की गई और मोबाइल तक छीन लिया गया.
क्या कहते है अधिकारी ?
एसडीपीओ गौरव पांडेय
सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा की
“हमें सूचना मिली थी कि एसडीएम कोर्ट में बॉडीगार्ड के साथ मारपीट और एसडीएम के साथ दुर्व्यवहार हुआ है. जांच में यह भी सामने आया कि अधिवक्ताओं ने मोबाइल भी छीन लिया है. फिलहाल विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है.”
अधिवक्ताओं का पलटवार
वहीं अधिवक्ता संघ के महासचिव विन्देश्वरी पांडेय ने पुलिस और प्रशासन के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. उनका कहना था—अधिवक्ताओं ने न तो किसी के साथ मारपीट की और न ही मोबाइल छीना. यह सब बेबुनियाद आरोप हैं. असली मुद्दा यह है कि एसडीएम साहब कोर्ट को अपने मनमाने तरीके से चलाते हैं. जिस धारा में जेल का प्रवधान नहीं, उसमें भी आरोपी को जेल भेज देते हैं. लगातार अधिवक्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया जा रहा है. हम चाहते हैं कि कोर्ट विधि सम्मत चले और अधिवक्ता व न्यायालय के बीच तालमेल बना रहे.”
कोर्ट में बढ़ा तनाव, हर कोई हैरान
इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है. आम लोग जहां न्यायालय को न्याय का मंदिर मानते हैं, वहीं कोर्ट कक्ष में ही मारपीट और आरोप-प्रत्यारोप की घटनाएं चौंकाने वाली हैं. अधिवक्ताओं और एसडीएम के बीच चल रहे तनाव ने न्यायिक व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. एसडीपीओ के अनुसार दोषियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी. दूसरी तरफ अधिवक्ता संघ ने साफ किया है कि अगर प्रशासन अधिवक्ताओं पर गलत कार्रवाई करता है तो उन्हें इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा. और अधिवक्ता आंदोलन करेंगे.
गौरतलब है कि यह पूरा मामला सिर्फ एक विवादित आदेश से शुरू होकर अब गंभीर टकराव में बदल चुका है. एक ओर प्रशासन और पुलिस अधिवक्ताओं पर मारपीट और अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगा रही है, वहीं अधिवक्ता खुद को न्याय की रक्षा करने वाला बताते हुए एसडीएम पर नियम-कानून तोड़ने का ठीकरा फोड़ रहे हैं. अब देखने वाली बात होगी कि आरोप-प्रत्यारोप के इस खेल में पुलिस की जांच किस नतीजे पर पहुंचती है और न्याय की गरिमा को बचाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.



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