बक्सर के युवाओं का बक्सर में ही संवरेगा भविष्य,मिला पर्यटन का दर्जा तो,नौकरी,एवं उच्च शिक्षा का खुलेगा द्वार
बक्सर के युवाओं का बक्सर में ही संवरेगा भविष्य,मिला पर्यटन का दर्जा तो,नौकरी,एवं उच्च शिक्षा का खुलेगा द्वार, स्थानीय उद्योग एवं स्टार्टप को मिलेगा उड़ान !
विश्वामित्र कॉरिडोर का सिमबॉलिक मॉडल
बक्सर: ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व से समृद्ध बक्सर जिले में आज एक नई राजनीतिक पहल ने दस्तक दे दी है. विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चौबे ने जिले के युवाओं को केंद्र में रखकर बक्सर के समग्र विकास की दिशा में बहुपरतीय योजनाओ की घोषणा करते हुए, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बक्सर को विकसित बक्सर बनाने का सपना तभी साकार होगा जब इस जिले को विश्वामित्र कॉरीडोर का सौगात मिलेगा! देश दुनिया से सैलानी आएंगे तो स्थानीय उद्योग एवं स्टार्टप को उड़ान मिलेगा! और हमारे युवाओं का भविष्य बक्सर जिले में ही सवरेंगे !
पर्यटन, शिक्षा, रोजगार का विकास मॉडल बने बक्सर
राजकुमार चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्वामित्र सेना
विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चौबे के इस घोषणा को, राजनीतिक हलकों में केवल एक बयानबाज़ी के तौर पर नहीं, बल्कि एक स्पष्ट रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है. उनका उद्देश्य बक्सर को केवल धार्मिक नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक पर्यटन, शिक्षा और रोजगार आधारित विकास मॉडल के तहत आत्मनिर्भर जिले के रूप में स्थापित करना है. जंहा बेहतर शिक्षा,चिकित्सा,रोजगार, के तमाम संसाधन हो इस जिले के लोगो को रोजगार के लिए महानगरों में पलायन न करना पड़े!
विश्वामित्र कॉरिडोर बनेगा पर्यटन और संस्कृति का सेतु
राजकुमार चौबे की योजना का केंद्रबिंदु "विश्वामित्र कॉरिडोर" है, जिसे महर्षि विश्वामित्र की विरासत से जोड़ते हुए बक्सर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को एक संगठित पर्यटन इकाई के रूप में विकसित करना है. इसमें मंदिर, जल-मार्ग, पारंपरिक कथा-स्मारक, तीर्थस्थल और सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ा जाएगा. इससे देश-विदेश से यात्रियों की आमद बढ़ेगी और स्थानीय व्यवसाय जैसे होटल, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और ट्रांसपोर्ट को आर्थिक लाभ मिलेगा.
बुनियादी ढांचे पर विशेष बल
बक्सर को विश्वामित्र कॉरिडोर की सौगात मिली तो, पर्यटन की रीढ़ मजबूत करने वाले सारे अवयव अपग्रेड होगा. चौबे ने कहा कि बक्सर को राज्य की धार्मिक राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने वाले हाईवे, रेल कनेक्टिविटी और संभावित जलमार्ग नेटवर्क पर ठोस कार्य होगा! एयरपोर्ट, की सौगात मिलेगा! शिक्षा , चिकित्सा और रोजगार का हब बक्सर बन जाएगा !
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ठोस पहल की।जरूरत !
बक्सर में एक पूर्ण विश्वविद्यालय की स्थापना की योजना हो, जिससे उच्च शिक्षा के लिए स्थानीय युवाओं को बाहर न जाना पड़े, उसके लिए बक्सर में एक पूर्ण विश्वविद्यालय के अलावे एक चिकित्सा महाविद्यालय और मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल बने,इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि मेडिकल और पैरामेडिकल सेक्टर में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
बाहरी हस्तक्षेप पर विरोध
राजनीतिक टिप्पणी में चौबे ने कहा कि बक्सर की राजनीति को बाहरी प्रभाव से मुक्त करना अब ज़रूरी हो गया है. "जो लोग चुनाव के वक्त आते हैं और उसके बाद गायब हो जाते हैं, वे बक्सर की असल ज़रूरतों को नहीं समझ सकते. अब वक्त है कि स्थानीय नेतृत्व को उभारकर जिला विकास की दिशा में आगे बढ़े।"जिले में विकास योजनाएं तब ही सफल होंगी जब जनप्रतिनिधि, प्रशासन और जनता एक मंच पर मिलकर काम करें, योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए वित्तीय पोषण, भूमि की उपलब्धता और पर्यावरणीय स्वीकृति जैसे पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य होना चाहिए,
गौरतलब है कि विश्वामित्र सेना द्वारा प्रस्तुत यह योजना बक्सर की दशा और दिशा बदलने की संभावनाओं से भरी है. राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक समर्थन और जन-सहभागिता यदि साथ आते हैं तो यह पहल बक्सर को धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहर से एक समृद्ध, आत्मनिर्भर जिले के रूप में परिवर्तित कर सकती है. अब देखना है कि यह सपना ज़मीन पर उतरता है या चुनावी मौसम की एक और गूंज बनकर रह जाता है.



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