राजपुर में वादों के जंगल मे भटक रहा है विकास ! 5 बर्षो में बदलेगी स्थितियां लोगो ने लगाई थी कयास ! विधायक जी ने फेसबुक पर ही कर डाली राजपुर का विकास !

 वादों के जंगल में भटक रहा है विकास ! बदलेगी स्थितियां लोगो ने लगाई थी कयास ! गढ़े भरी सड़क में लगी थी पानी ! क्षेत्र की समस्या सुलझाने की बजाए विधायक जी ने मिटा ली खुद की प्यास ! डिजिटल जमाने में विधायक जी ने कर डाली फेसबुक पर ही क्षेत्र का विकास !

गजब ! इस बार विधायक जी ने ले ली अटल प्रतिज्ञा !

बक्सर - जिले की राजपुर विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर इन दिनों विरोधाभास की कहानी कह रही है. फेसबुक पोस्टों और सोशल मीडिया पर विकास की चमकदार झलक दिखाने वाले जनप्रतिनिधि के क्षेत्र में जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है. सड़कें टूटी पड़ी हैं, गड्ढों में बरसात का पानी भरा रहता है, और कई इलाकों में लोग अब भी पैदल चलने को मजबूर हैं. शिक्षा व्यवस्था की हालत यह है कि कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक नहीं, बच्चों की संख्या घटती जा रही है.  स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति किसी वेंटीलेटर पर पड़े मरीज जैसी है न दवा, न डॉक्टर, न उपकरण. लेकिन फेसबुक और ट्विटर पर विकास की पोस्टों की भरमार है!


क्या हुआ तेरा वादा ? विकास को अपने घर ले भागा !

राजपुर की जनता कहती है  कि विधायक जी ने चुनाव से पहले धनसोई को प्रखंड बनाने, हर गांव में पक्की सड़क, और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर देने का वादा कर लोगो से वोट तो ले लिया. लेकिन पटना से चले विकास को राजपुर आने से पहले ही अपने घर ले भागे ! और पाँच साल बाद भी जनता के हाथ सिर्फ बहाने आए. अब विधायक का कहना है “विकास नहीं हुआ तो सरकार जिम्मेदार है, विधायक नहीं”


विधायक जी की पोस्ट पर लोगो की प्रतिक्रिया !

हमारी सरकार बनेगी तो क्षेत्र में दूध की नदियां बहेगी ! हर घर में रोजगार होगा. सड़के पेरिस शहर के तर्ज पर तो, क्षेत्र स्मार्ट सिटी  बनेगा! एक बार औऱ अपना आशीर्वाद दीजिए इस बार धनसोइ क्या ? हर गांव को प्रखण्ड बनवा दूंगा ! आखिर कितने दिनों तक इस झूठे वादों के विकास की जंगल में जनता भटकती रहेगी 

क्या कहते है राजपुर के किसान ?

स्थानीय लोगों का दर्द साफ झलकता है. राजपुर के किसान अजय चौबे कहते हैं—“विकास की बात टीवी और मोबाइल पर होती है, गांव में तो अब भी कीचड़ और अंधेरा है.”इसी तरह एक महिला शिक्षिका ने नाम नही छापने के शर्त पर बताया कि, इन पांच बर्षो में एक बार भी विधायक जी इस इलाके में नही आये है. जिससे कि अपनी समस्या कहा जा सके “ व्ह तो केवल सोशल मीडिया में फोटो डालकर लिखते है  राजपुर बदल रहा है!”

क्या बन गया  राजपुर विधानसभा मॉडल ?!

राजपुर के रहने वाले 85 बर्षीय सोहन जी कहते है- कांग्रेस विधायक ने चुनाव से पहले कहा था की आप अपना आशीर्वाद दीजिए, आपका यह बेटा राजपुर को मॉडल विधानसभा बना देगा! लेकिन अब वे भी अपनी नाकामी पर सरकार को दोषी ठहराने से पीछे नहीं हटते! जनता के मन में सवाल है कि आखिर वादे करने वाले कब जवाब देंगे? हमारा राजपुर तो पहले से ही उपेक्षित है. शाम ढलते ही यह पूरा इलाका थर्राने लगता था. आम आदमी क्या ? पुलिस अपराधियो के डर से खुद को थाने में कैद कर लेती थी ! 90 का वह दौर जिसने नही देखा है वह क्या जाने की इस राजपुर ने क्या- क्या देखा है? समय के साथ हालात तो बदली लेकिन जो जनप्रतिनिधि हुए, वह क्षेत्र के विकास करने के बजाए खुद की विकास कर लिए, जो दिखाई दे रहा है.

पांच साल में ही करोड़ो के मालिक बन जाते है विधायक !

स्थानीय किसानों ने बताया कि, 40 बर्षो से खेती और मजदूरी करते आ रहे है. लेकिन आज तक छत नसीब नही हुआ. और न ही बच्चों को अच्छी स्कूल में पढा सके !लेकिन मात्र पाँच साल में ही विधायको की संपत्ति करोड़ों में पहुँच जाती है. आखिर नेता जी लोग यह फार्मूला जनता को क्यो नही बताते है?  की “जब जनता के विकास की रफ्तार थमी है, तो विधायको की रफ्तार इतनी तेज़ कैसे?”

सोशल मीडिया पर रंगीन है विकास की तस्वीर

विकास की तस्वीर सोशल मीडिया पर रंगीन है.फेसबुक पर योजनाओं की घोषणाएँ, ट्विटर पर पुल और सड़कों की फोटो, लेकिन ज़मीन पर सिर्फ धूल, गड्ढे और ठगी का एहसास है. राजपुर की जनता अब बदलाव चाहती है. वे कहते हैं, “हमें भाषण नहीं, सच्चा विकास चाहिए,सड़कें, स्कूल, अस्पताल और रोजगार” चाहिए ! जनता के मन में यही उम्मीद है कि आने वाले चुनाव में  जो भी उम्मीदवार चुनाव जीतकर आएगा वह खुद की नही राजपुर का विकास करेगा!

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो गई है. पर्चा दाखिल करने का दौर भी शुरू हो गया है. लेकिन दोनों बड़े गठबंधन में सीटों की बंटवारा नही होने के कारण लोगो की निगाहें बदलाव की ओर टिकी है.

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