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202 सुरक्षति राजपुर विधानसभा सीट पर सियासत का तापमान अक्टूबर की धूप से भी तेज है.

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  राजपुर में विकास बनाम आत्मविश्वास की जंग! नामांकन के आखिरी दिन नेताओं की ‘बल्लेबाजी’ ने बढ़ाया सियासी तापमान! पूर्व मंत्री संतोष निराला की सादगी बनी चर्चा का विषय,तो विधायक विश्वनाथ राम के बयान में छलका पांच साल का दम्भ!जनता बोले — “वोट अहंकार पर नहीं, व्यवहार पर मिलता है! बक्सर - जिले के 202 सुरक्षति राजपुर विधानसभा सीट पर सियासत का तापमान अक्टूबर की धूप से भी तेज है. नामांकन के अंतिम दिन यह इलाका किसी क्रिकेट मैदान से कम नहीं दिखा—नेता पिच पर थे, समर्थक दर्शक दीर्घा में, और जनता चौकों-छक्कों की गिनती कर रही थी. एक तरफ थे पूर्व मंत्री संतोष निराला, जिन्होंने अपने आवास से पैदल चलकर नामांकन किया—यह दृश्य राजनीति के ग्लैमर भरे दौर में किसी “क्लासिक टेस्ट मैच” जैसा लगा. न गाड़ियों का काफिला, न फूलों की बरसात—बस सादगी, मुस्कान और जनता के बीच कदमताल. यही सादगी उनके लिए इस बार सबसे बड़ा प्रचार बन गई है. मैं विधायक हूँ ! दूसरी ओर मैदान में उतरे हैं मौजूदा विधायक विश्वनाथ राम, जो आत्मविश्वास के साथ बोले — “मैं विधायक हूं, मुझसे लड़ने का दम किसी में नहीं!” बयान ऐसा था कि समर्थकों में जोश ...

. दोनों गठबंधनों के लिए सिरदर्द बना एक तीसरा चेहरा—

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  नामांकन का दिन बना “शक्ति प्रदर्शन का अखाड़ा”, बक्सर में दिखी दो रंग की सियासत ता ता तुना’ बनाम ‘गांजा तस्करी’—बक्सर की चुनावी जंग अब जुबानी जंग में तब्दील!पूर्व आईपीएस मिश्रा बोले—“लोकतंत्र में सबको आज़ादी है”, विधायक ने पलटवार में दी “सेब और कमल” की सीख! किला मैदान बनाम आईटीआई ग्राउंड सभा स्थलों ने भी दिखाया गठबंधन का सियासी रंग!पर्दे के पीछे की चाल—हार मान चुके नेता ने जातीय समीकरण से उलझाया पूरा खेल! बक्सर  -विधानसभा की राजनीति में शुक्रवार का दिन नामांकन से ज़्यादा “नाटक” का दिन बन गया. एक तरफ इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार और वर्तमान विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, तो दूसरी ओर एनडीए की तरफ से मैदान में उतरे असम कैडर के पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा—दोनों ने नामांकन से पहले ऐसा शक्ति प्रदर्शन किया, जैसे नामांकन नहीं, “महाभारत” का युद्ध शुरू हो गया हो.किला मैदान और आईटीआई ग्राउंड, दोनों जगह हजारों की भीड़, गाड़ियों का काफिला, डीजे की धुन और नारेबाज़ी का शोर... चुनावी हवा में अब सिर्फ एक ही बात तैर रही है—“कौन बनेगा बक्सर का बादशाह?” किसी ने लगाए जय श्रीराम के नारे तो...

ओम जी यादव अब राजनीति के मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में इंडिया और एनडीए के धुरंधरों को चुनौती दे रहे है. जिस

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निर्दलीय उम्मीदवारी से बदलेंगे बक्सर का चुनावी समीकरण! समाज सेवा से राजनीति में कदम रखने वाले ओमजी यादव कुर्सी के लिए नही गरीबो के आवाज बनने के लिए लड़ रहे है चुनाव ! धनबल और वंशवाद  के धुरंधरों का भी छूटने लगा है पसीने ! दलित बस्ती में असहस्यो की समस्या सुनते ओम जी यादव ! बक्सर - बिहार की सियासत में जहां वंशवाद और धनबल की चर्चा आम है, वहीं बक्सर विधानसभा क्षेत्र में इस बार एक अलग तरह का चेहरा चर्चा में है  जिनका नाम है ओम जी यादव, जो किसी राजनीतिक परिवार से नहीं बल्कि जनता के बीच अपनी सेवा भावना के लिए पहचाने जाते हैं. वर्षों तक बक्सर रेलवे स्टेशन के आसपास गरीबों और असहायों को भोजन कराने वाले ओम जी यादव अब राजनीति के मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में इंडिया और एनडीए के धुरंधरों को चुनौती दे रहे है. जिससे पूरा राजनीतिक समीकरण बदला सा गया है. एक साधारण परिवार से आने वाला यह नौजवान गरीबो को भोजन कराने के लिए रोटी बैंक के नाम से सैकड़ो लोगो को प्रत्येक दिन भोजन कराने से लेकर ,उनके जरूरतों में खड़ा होने का साहस रखता है. महलों से नही झुग्गी झोपड़ी से शुरू किया चुनावी महाभियान ! न...

जनसुराज से लेकर भाजपा तक — मिश्रा की चाल में छिपा सियासी जाल! अब बक्सर भाजपा के लिए सवाल — बाहरी नेता ज़रूरी या मजबूरी?

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  पूर्व आईपीएस आनन्द मिश्रा ने राजनेताओं को पढ़ाया राजनीति का नया पाठ — बिजली के खंभे, पेड़ और ऑटो पर ही लटके रह गए बीजेपी के पांच दर्जन दावेदार!जो कभी "अर्बन नक्सली" कहते थे, आज वही माला पहनाकर पैर पूजने को तैयार! जनसुराज से लेकर भाजपा तक — मिश्रा की चाल में छिपा सियासी जाल! अब बक्सर भाजपा के लिए सवाल — बाहरी नेता ज़रूरी या मजबूरी? वर्दी से खादी तक ! बक्सर : जिले की सियासत में इन दिनों एक ही नाम की गूंज है — आनन्द मिश्रा। कभी “पूर्व आईपीएस”, अब “पूर्णकालिक राजनेता”, और शायद आने वाले चुनावी मौसम में भाजपा के लिए ‘चुनावी ब्रह्मास्त्र’। दिलचस्प बात यह है कि जिन्हें कभी भाजपा के बड़े नेता “अर्बन नक्सली” कहकर कोसते थे, आज वही नेता उन्हें फूलों की माला पहनाकर पैर पूजते दिख रहे हैं। राजनीति में इससे बड़ा यू-टर्न शायद ही कभी देखा गया होगा। लोकसभा चुनाव में लिखी थी पूरी पटकथा ! 2024 के लोकसभा चुनाव में आनन्द मिश्रा ने जिस तरह भाजपा के ही उम्मीदवार मिथलेश तिवारी को शिकस्त दिलाने में पर्दे के पीछे भूमिका निभाई और फिर खुद मैदान में उतरकर चुनाव की पूरी पटकथा रची, उसने उनकी सियासी समझ पर ...

बाहरी ठेकेदारों से कब मिलेगी बक्सर को आजादी! नवम्बर के महीने में दिखी मंगल ग्रह की गर्मी

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  बक्सर की मिट्टी में नेता नही पैदा होते है झोला ढोने वाला कार्यकर्ता ! बीजेपी ने बाहरी प्रत्याशी आनन्द मिश्रा पर लगाया दाव ! तो सियासी भूकम्प की झटकों से सहम गए नेता और कार्यकर्ता  ! बोल उठे स्थानीय लोग बाहरी ठेकेदारों से कब मिलेगी बक्सर को आजादी! नवम्बर के महीने में दिखी मंगल ग्रह की गर्मी ! बक्सर - जिले की राजनीति में इस वक्त भूकंप सा आ गया है . भाजपा ने  पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा को जैसे ही बक्सर सदर  विधानसभा  सीट से प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा, तो पार्टी के भीतर मानो  ज्वाला मुखी की लावा फूट पड़ा.नेता से लेकर कार्यकर्ता एवं उनके डिजिटल सेना — सबका सुर बदल गया और लोगो ने आनन्द मिश्रा के साथ ही पार्टी के वरीय नेताओ के खिलाफ मोर्चा खोल दी है. भाजपा नेताओं  ने कहा “हमारे शहर को बाहरी ठेकेदारों से कब पार्टी के शीर्षनेतृत्व आज़ादी दिलाएंगे ?” जिसने 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष के नेता को जिताने के लिए बोजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ा ! उसी को ही शीर्षनेतृत्व ने हमारे माथे पर थोप दिया ! स्थानीय नेताओं एवं कार्यकर्ताओ ने खोला मोर्चा आनंद मिश्रा का नाम आते...

डुमराँव में नामांकन का संग्राम ! तीन दिग्गजों की एंट्री से बढ़ा सियासी तापमान. राजद और माले के उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, जनसुराज से युवराज ने दी चुनौती !

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  डुमराँव में नामांकन का संग्राम ! तीन दिग्गजों की एंट्री से बढ़ा सियासी तापमान. राजद और माले के उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, जनसुराज से युवराज ने दी चुनौती ! “बाहरी को ब्रह्मपुर की जनता नहीं करेगी स्वीकार” ! बोले राजद विधायक शम्भू यादव !“पूंजीपतियों को नहीं, शहीदों की धरती मांगे जनसेवक” माले विधायक अजीत कुमार सिंह का बयान ! डुमराँव के युवराज शिवांग बोले  “माले विधायक की नाकामियों से जनता है आक्रोशित ! बक्सर -  जिले के डुमराँव अनुमंडल में बुधवार को नामांकन के तीसरे दिन राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई. डुमराँव और ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्रों में तीन दिग्गज नेताओं ने अपने-अपने नामांकन दाखिल कर सियासी समीकरणों में हलचल मचा दी.राजद विधायक शम्भू यादव, माले विधायक अजित कुमार सिंह, और जनसुराज समर्थक युवराज शिवांग विजय सिंह. तीनों ने अपने समर्थकों के साथ जुलूस की शक्ल में नामांकन किया. इस दौरान डुमराँव की सियासत में एक बार फिर पुरानी रंजिशों और नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई. ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक ने की नामांकन ! ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक शम्भू...

बिहार की राजनीति बना किचन का प्रेशर कुकर कार्यकर्ताओ को है सिटी बजने का इंतजार ! राजनीति की नजाकत को देख विश्वामित्र सेना ने मारी सियासी एंट्री. राजनीतिक दल के नेताओ की बढ़ी बेचैनी !

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  बिहार की राजनीति बना ‘किचन का प्रेशर कुकर’ कार्यकर्ताओ को है सीटी बजने का इंतजार ! उमीदवारों की डिजिटल सेना ने शुरू की सोशल मीडिया में डिजिटल युद्ध! तो राजनीति की नजाकत को देख विश्वामित्र सेना ने मारी सियासी एंट्री. राजनीतिक दल के नेताओ की बढ़ी बेचैनी ! विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुँचे बक्सर ! बक्सर -बिहार की राजनीति इन दिनों उस प्रेशर कुकर जैसी हो चुकी है, जिसकी सीटी बजने का सभी को इंतजार है। खासकर बक्सर जिले की सदर विधानसभा सीट अब सियासत का ‘हॉट प्लेट’ बन चुकी है। हर सुबह नए नामों की अटकलें और हर शाम नए पोस्टर—सोशल मीडिया पर मानो ‘डिजिटल पोस्टर युद्ध’ छिड़ा हुआ है। कार्यकर्ता मायूस, नेता परेशान — टिकट का इंतजार बना परीक्षा एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ने अब तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। कार्यकर्ता निराश हैं और नेता उलझन में। जैसे मंदिर में भक्त आरती के लिए घंटी का इंतजार करते हैं, वैसे ही ये कार्यकर्ता टिकट की घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फेसबुक लाइव से लेकर ट्विटर तक, हर जगह ‘डिजिटल भक्ति’ चल रही है—कहीं पोस्टर बन रहे हैं, तो कहीं वर्चुअल जनसभाएँ! बक्सर...